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Fake marriage bureau: फर्जी मैरिज ब्यूरो का भंडाफोड़, 700 युवकों से ठगी, डायरेक्टर समेत दो हुए गिरफ्तार

Fake marriage bureau: फर्जी प्रोफाइल बनाते थे और व्हाट्सएप के जरिए युवकों को भेजते थे। इसके बाद रजिस्ट्रेशन, पैकेज और फैमिली मीटिंग के नाम पर 30 से 40 हजार रुपये तक वसूले जाते थे।

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Fake marriage bureau: फर्जी मैरिज ब्यूरो का भंडाफोड़, 700 युवकों से ठगी, डायरेक्टर समेत दो हुए गिरफ्तार

Fake marriage bureau: बसंतपुर पुलिस ने एक बड़े साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश करते हुए लव लाईफ रिश्ते मैरिज ब्यूरो के नाम पर चल रहे फर्जी मैरिज रैकेट का खुलासा किया है। इस मामले में संचालक और डायरेक्टर को गिरफ्तार किया गया है, जिन्होंने देशभर के करीब 700 युवकों को निशाना बनाकर करोड़ों रुपये की ठगी की।

पुलिस इस मामले में लव लाईफ रिश्ते मैरिज ब्यूरो के डायरेक्टर मुख्य आरोपी नेहा पाठक पिता शंकरनाथ पाठक उम्र 23 वर्ष निवासी लेबर कॉलोनी वार्ड 17 थाना सिटी कोतवाली राजनांदगांव और धर्मेन्द्र मानिकपुरी पिताकमल दास मानिकपुरी उम्र 32 वर्ष निवासी ग्राम जंगलपुर थाना पण्डातराई जिला कबीरधाम को गिरफ्तार कर लिया है।

एएसपी कीर्तन राठौर ने प्रेसवार्ता में मामले का खुलासा करते हुए बताया कि एसपी अंकिता शर्मा के पास फर्जी मैरिज ब्यूरो के मामले में शिकायत हुई थी। थाना प्रभारी एमन साहू द्वारा टीम के साथ कार्रवाई करते हुए मौके से 7 एंड्रॉइड मोबाइल, 14 की-पैड मोबाइल जप्त किए गए। मोबाइल की जांच मेंसैंकड़ों युवतियों के फोटो डाउनलोड पाए गए। जिनसे फर्जी प्रोफाइल बनाकर युवकों को भेजा जाता था।

पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी सोशल मीडिया से युवतियों की फोटो डाउनलोड कर फर्जी प्रोफाइल बनाते थे और व्हाट्सएप के जरिए युवकों को भेजते थे। इसके बाद रजिस्ट्रेशन, पैकेज और फैमिली मीटिंग के नाम पर 30 से 40 हजार रुपये तक वसूले जाते थे और फिर किसी कारण का बहाना बनाकर संपर्क तोड़ दिया जाता था।

पूरे गिरोह व नेटवर्क की तलाश जारी

इस मामले में एसपी अंकिता शर्मा के निर्देश पर विशेष टीम गठित की गई। जांच में अपराध सिद्ध होने पर आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता और आईटी एक्ट की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस अब इस गिरोह के अन्य सदस्यों और पूरे नेटवर्क की तलाश में जुटी है। आशंका है कि यह एक संगठित साइबर फ्रॉड गिरोह है, जिसका नेटवर्क कई राज्यों तक फैला हुआ है। कार्यवाही में थाना प्रभारी एमन साहू, उप निरीक्षक देवदास भारती, प्रधान आरक्षक दीपक जायसवाल, महिला प्रधान आरक्षक मेनका साहू, सीमा जैन की सराहनीय भूमिका रही।

मोबाइल में मिला ठगी का खजाना

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 7 एंड्रॉइड मोबाइल, 14 कीपैड मोबाइल, 9 रजिस्टर- कॉपी जप्त किए हैं। मोबाइल जांच में 2286 युवतियों के फोटो मिले, जिनका इस्तेमाल फर्जी आईडी बनाने में किया जा रहा था। आरोपियों के बैंक खातों के एक साल के स्टेटमेंट में 37,69,000 का ट्रांजेक्शन सामने आया है। आशंका है कि असली ठगी की रकम इससे कहीं अधिक हो सकती है।

पुलिस ने आम लोगों से की है यह अपील

बिना सत्यापन किसी भी मैरिज
ब्यूरो पर भरोसा न करें
ऑनलाइन प्रोफाइल और फोटो
की जांच जरूर करें
किसी भी प्रकार की अग्रिम राशि
देने से पहले सतर्क रहें