
9 हार्डकोर नक्सलियों का सरेंडर (photo source- Patrika)
मुकेश कुमार/Maoist surrender: छत्तीसगढ़ सीमा के गढ़चिरौली जिले में नक्सल उन्मूलन अभियान के तहत एक बड़ी सफलता सामने आई है। करीब 30 लाख रुपये के इनामी 9 हार्डकोर नक्सलियों ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया। खास बात यह रही कि यह सरेंडर निर्धारित डेडलाइन के आखिरी दिन देर शाम को किया गया, जिसने सुरक्षा एजेंसियों के प्रयासों को बड़ी मजबूती दी है।
आत्मसमर्पण करने वाले नक्सली अपने साथ एके-47, एसएलआर समेत अन्य आधुनिक हथियार भी लेकर पहुंचे, जो इस बात का संकेत है कि वे संगठन के सक्रिय और प्रशिक्षित सदस्य थे। इनमें शांति वंजा वड्डे और सुक्की बामी कुंजम जैसे कुख्यात और कट्टर नक्सलियों के नाम भी शामिल हैं, जिन पर लंबे समय से सुरक्षा बलों की नजर थी।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इन नक्सलियों ने हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्यधारा में शामिल होने का संकल्प लिया है। आत्मसमर्पण के बाद सभी को शासन की पुनर्वास नीति के तहत सहायता और सुविधाएं दी जाएंगी, ताकि वे सामान्य जीवन जी सकें। अधिकारियों ने इसे नक्सल विरोधी अभियान के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया है।
हाल के महीनों में गढ़चिरौली और आसपास के इलाकों में सुरक्षा बलों ने लगातार सर्च ऑपरेशन चलाए हैं। इन अभियानों के चलते नक्सलियों की गतिविधियों पर काफी हद तक अंकुश लगा है। लगातार हो रही मुठभेड़ों, गिरफ्तारियों और कैंप स्थापित होने से संगठन पर दबाव बढ़ा है, जिसका परिणाम अब आत्मसमर्पण के रूप में सामने आ रहा है।
गढ़चिरौली जिला लंबे समय से नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में गिना जाता रहा है। यहां महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ और तेलंगाना की सीमाएं मिलने के कारण नक्सलियों की आवाजाही और गतिविधियां अधिक रही हैं। सरकार की आत्मसमर्पण और पुनर्वास नीति के तहत नक्सलियों को हथियार छोड़कर मुख्यधारा में लौटने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। इसमें आर्थिक सहायता, प्रशिक्षण और रोजगार के अवसर दिए जाते हैं।
पिछले कुछ वर्षों में इस नीति के कारण कई नक्सली संगठन छोड़ चुके हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि सुरक्षा बलों की सख्ती और विकास कार्यों के विस्तार के साथ-साथ पुनर्वास नीति ने भी नक्सल संगठन को कमजोर करने में अहम भूमिका निभाई है। 30 लाख के इनामी नक्सलियों का सामूहिक आत्मसमर्पण इस बात का संकेत है कि अब संगठन के भीतर भी दबाव और असंतोष बढ़ रहा है।
Updated on:
01 Apr 2026 11:57 am
Published on:
01 Apr 2026 11:54 am
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