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1999 Naxal Attack Chhattisgarh: पहले धमाका, फिर फायरिंग… पुलिस के हौसले के आगे पस्त हो गए थे नक्सली , जानें 1999 की कहानी

Chhuriya Naxal Attack 1999: पहले जोरदार धमाका फिर अंधाधुंध फायरिंग और देखते ही देखते पूरा छुरिया दहशत से थर्रा उठा। 7 अगस्त 1999 की वो शाम आज भी लोगों के जेहन में जिंदा है, जब नक्सलियों ने हथियार लूटने के इरादे से छुरिया थाना को घेर लिया था।

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पुलिस के हौसले के आगे नक्सली भागे (फोटो सोर्स- photo- AI)

पुलिस के हौसले के आगे नक्सली भागे (फोटो सोर्स- photo- AI)

नक्सलियों ने दहशतगर्दी का साम्राज्य कायम करने के लिए राजनांदगांव जिले में कई वारदातों को अंजाम दिया। वारदातों के माध्यम से ये अपना प्रभाव वाला दायरा बढ़ाते जा रहे थे। मानपुर-मोहला तक सिमटे रहे नक्सलियों ने पिछले 40 सालों में जंगल से सटे हर क्षेत्र में दखल दी। यही वजह है कि 7 अगस्त 1999 में जोब दलम, टिपानगढ़ दलम और देवरी दलम के नक्सलियों ने छुरिया थाना को लुटने के लिए घेराबंदी की थी।

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