
CG News: छत्तीसगढ़ के खैरागढ़ में एक बेटी ने पुत्र का फर्ज निभाया हैै। शहर के ईतवारीबाजार वार्ड की पूर्व पार्षद व समाजसेविका शीला रानी महोबे के हृदयाघात से निधन के बाद जहाँ एक ओर परिजनों व शहर में गमगीन माहौल रहा तो दूसरी ओर पुत्री ने बेटे का धर्म निभाते उनकी चिता को मुाग्नि देकर फर्ज निभाया।
सुबह मंदिर में पूजा करने गई पूर्व पार्षद शीला रानी महोबे की तबियत अचानक बिगड़ गई। मंदिर से ही आनन-फानन में उन्हे स्थानीय सिविल अस्पताल पहुँचाया गया जहाँ इलाज के दौरान हृदय गति रूकने के चलते उनकी मौत हो गई। शीला रानी महोबे की केवल दो पुत्रियां हैं। ऐसे में बेटी के मुाग्नि देने की बात पर पिता विष्णुकांत महोबे ने भी सहमति दी और अमलीपारा मुक्तिधाम में अंतिम संस्कार की तैयारी पूरी होते ही बड़ी बेटी दिव्या ने मां को मुाग्नि दी। इस दौरान मौजूद परिजन, समाज के लोग सहित बड़ी संया में अंतिम संस्कार में शामिल हुए लोग गमगीन हो गए।
शीलारानी महोबे पूर्व पार्षद होने के साथ सामाजिक कार्यों में भी बेहद सक्रिय रहीं। शिक्षण व्यवस्था का भी कुशल संचालन कर रहीं महोबे ने दोनों पुत्रियों को उच्च शिक्षा देने में कोई कसर नहीं छोड़ी। अंतिम संस्कार के दौरान बड़ी संया में शामिल लोगों ने महोबे को नम आंखों से विदाई दी।
Published on:
05 Apr 2025 06:35 pm
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