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धोखाधड़ी कर जमीन हड़पने का आरोप, पुलिस से हुई शिकायत, जांच हुई शुरू

छुरिया का मामला
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किसान दंपत्ति ने छुरिया थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज करवाई।

राजनांदगांव / सड़क चिरचारी. छुरिया के एक किसान ने धोखाधड़ी कर जमीन हड़पने का थाना में शिकायत दर्ज कराया है। किसान की शिकायत पर पुलिस विवेचना में जुटी है। नगर पंचायत छुरिया के वार्ड 8 निवासी किसान बिसौहा राम साहू ने नगर के प्रवीण पल्लीवार पर धोखाधड़ी कर जमीन हड़पने का आरोप लगाया है। किसान बिसौहा राम ने बताया कि कुछ साल पहले उसे रुपए की जरुरत थी और वह प्रवीण से ब्याज में रुपए उधार लिया था। इस दौरान प्रवीण ने उधारी रकम वापसी अदायगी के लिए किसान बिसौहा की कृषि भूमि को बंधक (गिरवी) अपने पक्ष में लिखने कहा। किसान बिसौहा और उनका पुत्र मुकेश दिसंबर 2016 में अपने कृषि भूमि के परचा बी1 को लेकर तहसील कार्यालय छुरिया पहुंचे।

चेक को दूसरे दिन वापस मांग लिया गया
किसान बिसौहा ने कहा कि प्रवीण पल्लीवार ने पहले अपनी पत्नी प्रतिमा पल्लीवार के नाम पर जमीन रजिस्ट्री करने पर रुपए देने की बात कही। किसान बिसौहा ने रजिस्ट्री हो जाने पर तो जमीन उसकी हो जाने की बात कही। तब प्रवीण पल्लीवार ने भरोसे के लिए एक इकरारनामा बनवा लिया। किसान बिसौहा व उसका पुत्र तैयार हो गए तब प्रवीण पल्लीवार के द्वारा अपनी पत्नी प्रतिमा पल्लीवार के नाम पर इकरारनामा दिसंबर 2016 को तैयार करवाया। जिस पर सौदा शर्त की सारी बातों को लिखा गया है। इस दौरान किसान बिसौहा को प्रवीण ने एसबीआई छुरिया का चेक क्रमांक 678750 में 6 लाख का चेक दिया। रजिस्ट्री हो जाने के बाद रजिस्ट्री ऑफिस के बाहर प्रवीण पल्लीवार ने दिए गए चेक को दूसरे दिन नगदी रकम देने की बात कहते हुए वापस मांग लिया।

टाल मटोल कर पीडि़त को घुमाते रहे
रजिस्ट्री के लगभग एक माह बाद जुलाई 2017 को प्रवीण ने किसान को तीन लाख बीस हजार रुपए दिया। किसान द्वारा ली गई उधारी रकम तीन लाख बीस हजार रुपए को इकरारनामा के समय अनुसार पल्लीवार दंपत्ती को अदा करने 1 जुलाई 18 को संपर्क किया गया तो हिसाब बाद में करना कह कर प्रवीण पल्लीवार द्वारा पूर्ण हिसाब रसीद 18/07/2018 को बिसौहा को दिया जिसमें रूपये तीन लाख बीस हजार रुपए के ब्याज व चक्रवृद्धि ब्याज सहित कुल रकम अक्षरी उन्तीस लाख चालीस हजार आठ सौ इक्यासी रुपए देने कहा गया, तब से की उक्त राशि को कल नगद दूंगा, दूसरे दिन मैं पल्लीवार दपत्ति के पास गया और उक्त राशि को मांगा तब उन्होंने कुछ परेशानी बताते हुए कहा की दो-चार दिन रुक जाओ फि र देता हूं उसके बाद भी इधर उधर टालमटोल कर मुझे घुमाता रहा।

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