30 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

नक्सलियों के फोर्स को उड़ाने की साजिश नाकामयाब, साढ़े 4 किलो का आईईडी बरामद, नाला पुलिया में दबा कर रखा गया था विस्फोटक

राजनांदगांव जिले का एक हिस्सा नक्सल प्रभावित है। यहां नक्सलियों और फोर्स के बीच आए दिन जोरआजमाइश चलती रहती है। पुलिस फोर्स के आगे नक्सली नहीं टिक पाते हैं। ऐसे में वे चोरी-छुपे साजिश रचते हैं लेकिन पुलिस पहले ही उनको मात दे देती है।

less than 1 minute read
Google source verification
नक्सलियों के फोर्स को उड़ाने की साजिश नाकाब, साढ़े 4 किलो का आईईडी बरामद

एक्सपर्ट द्वारा आईईडी को मौके पर ही ब्लास्ट कर नष्ट किया गया।

जिले के बागनदी थाना क्षेत्र में नक्सलियों द्वारा फोर्स को उड़ाने बड़ी साजिश करते पुलिया के नीचे बड़ी मात्रा में आईईडी बरामद की गई थी। सुरक्षा बलों ने नक्सलियों के मंसूबों पर पानी फेरते दबा कर रखे आईईडी को कब्जे में लेकर नष्टिकरण की कार्रवाई की है।
बागनदी थाना प्रभारी सीआर चंद्रा ने बताया कि मुखबिर से सूचना मिली कि नक्सलियों द्वारा दीवानटोला नाला पुलिया के पास आईईडी दबा कर रखा हुआ है। सूचना पर ऑप्स प्लान के निरीक्षक सीआर चंद्रा, सहायक उपनिरीक्षक अनिल कुमार झा, प्रधान आरक्षक देव सिंह कतलम, आरक्षक शिवचरण मंडावी, रमेश कतलम एवं आईटीबीपी 38वी. के कंपनी कमांडर अभिषेक मधुकर के नेतृत्व में एसओएस 05, ओआरएस 40 बल के मुताबिक प्लान चाबुकनाला दीवानटोला की ओर रवाना किया गया।
मौके पर ही ब्लास्ट कर किया गया नष्ट
सुरक्षा बल के जवान मुखबिर के बताए जगह पर पहुंची। इस दौरान दीवानटोला नाला पुलिया के पास आईईडी लगा हुआ था। मौके पर से साढ़े 4 किलो का आईडी बरामद की गई। इस दौरान आईईडी को नष्ट करने आईटीबीपी 38 वी वाहनी के सामरिक मुख्यालय छुरिया से बम डिस्पोजल टीम से संपर्क किया गया। बम डिस्पोजल टीम द्वारा जांच कर बताया गया कि यह कमांड आईईडी मानव निर्मित है। इसे निकालने एवं ले जाने या पास में रखने से फटने का अंदेशा है। एक्सपर्ट द्वारा आईईडी को मौके पर ही ब्लास्ट कर नष्ट किया गया। पुलिस अज्ञात नक्सलियों के विरुद्ध अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में जुटी है।

पुलिस के एक बड़े अफसर ने बताया कि लंबे समय से पुलिस की रणनीति को जबरदस्त सफलता मिली है। ग्रामीण भी अब नक्सलियों के झांसे नहीं फंस रहे हैं और वे कानून के हिसाब से काम कर रहे हैं जबकि नक्सली उन्हें बरगलाते हैं।

Story Loader