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सरपंच, सचिव के खिलाफ लामबंद हुए ग्रामीण, दोनों को हटाने की मांग

स्वच्छ भारत मिशन में गड़बड़ी

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ज्ञापन... ग्रामीणों ने एसडीएम को ज्ञापन दिया।

राजनांदगांव / डोंगरगढ़. ग्रामीणों ने स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए सचिव को हटाने की मांग की। साथ ही सरपंच पर कार्रवाई के लिए प्रदर्शन किया। डोंगरगढ़ विकासखंड के ग्राम पंचायत भोथली के सैकड़ों ग्रामीण आज अनुविभागीय अधिकारी प्रेमलता चंदेल जनपद के मुख्य कार्यपालन अधिकारी वीरेंद्र सिंह के कार्यालय पहुंचे बड़ी संख्या में पहुंचे ग्रामीणों ने सरपंच व सचिव पर कार्यवाही के लिए ज्ञापन सौंपा। ग्रामीण लता वर्मा पुष्पा बाई प्रभात साहू रोशनी तिवारी भगवती बाई पंच जानी राम राजूलाल शंकर बन्धे सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया कि स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत 1472000 रुपए की राशि शासन द्वारा शौचालय निर्माण कराने के लिए खर्च की गई है जिसमें शौचालय निर्माण में सरपंच द्वारा भारी फर्जी बिल लगाए गए हैं।

जांच नहीं हुई तो आंदोलन की चेतावनी
इसी प्रकार शौचालय के लिए छत के लिए ली गई सीमेंट शीट 300 में ली गई जिसे 370 तथा दरवाजे की कीमत 1000 लगाई गई है जो 700 में खरीदा गया है। ग्रामीणों ने आरोप लगाते हुए कहां की पूर्व में की गई जांच से हम संतुष्ट नहीं हैं। ग्रामीणों के समक्ष पूरी जांच की जानी चाहिए अन्यथा ग्रामीण भूख हड़ताल के लिए बाध्य होंगे जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी शासन प्रशासन की होगी।

सरपंच और सचिव की हुई ढेरों शिकायतें
गांव वालों को स्वयं की लागत से शौचालय का निर्माण करने के लिए बाध्य किया गया सरपंच व सचिव ने निर्माण नहीं करने वाले हितग्राहियों के राशन कार्ड जाबकार्ड जप्त कर लिए व आय व जाति प्रमाण पत्र सहित निवास प्रमाण पत्र पर हस्ताक्षर नहीं किए सरपंच की दादागिरी यहीं नहीं थमी जब गांव में बैठक बुलाई गई तो 8 पंच व सरपंच बैठक में पहुंचे जब ग्रामीणों ने गड़बड़ी बताई तो सरपंच ने अपनी गलती तो स्वीकार की किंतु दादागिरी करते हुए कहा कि आप लोगों को जो करना है जो कर लो हमारा कुछ भी नहीं बिगाड़ सकते। आक्रोशित ग्रामीणों ने सचिव को पद से हटाने के लिए भी आवेदन किया शौचालय निर्माण के संबंध में ग्रामीणों ने कहा कि गांव में कितने शौचालय बनाए गए हैं उसकी पूरी जांच होनी चाहिए साथ ही स्वच्छता के नाम पर फर्जी बिल लगा कर कचरा उठाने का बिल लगाया गया है जबकि गांव से कचरा उठाया ही नहीं गया।