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प्रशासन की अनदेखी के चलते सड़कों पर मवेशी राज, रोजाना हो रही दुर्घटनाएं

सड़कों पर पसर रहे मवेशियों ने बढ़ाई परेशानी बाधित हो रहा यातायात

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परेशानी... शहर से जुड़े मुख्य मार्गों पर मवेशियों का डेरा रहता है।

राजनांदगांव / खैरागढ़. शहर की सड़कों पर मवेशियों के लगातार बैठने से लोगों की परेशानी बढ़ गई है। रात के दौरान इससे लगातार दुर्घटनाएं बढ़ रही है। प्रशासनिक कार्यवाही नही होने से लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। दुर्घटनाओं में आम लोगों के साथ-साथ सड़कों पर बैठे मवेशियों को भी दुर्घटना का शिकार होना पड़ रहा है। शहर के मुख्य मार्ग सहित अंदरूनी मार्गो और दुर्ग, राजनांदगांव, धमधा, डोंगरगढ़, कवर्धा मार्ग में मवेशियों के खुले में बैठने से ज्यादा परेशानी हो रही है।

लोगों के साथ मवेशी भी हो रहे दुर्घटनाग्रस्त
बारिश के दिनों में हर साल सड़कों पर मवेशियों का डेरा होने का नुकसान वाहन चालकों के साथ वाहनचालकों को उठाना पड़ रहा है। सबसे ज्यादा दिक्कत अंधेरा होते रात में ही शुरू हो जाती है। वाहनों की लाइट में ज्यादा दूर नही दिखने के कारण वाहन चालक सड़को पर पसरे मवेशियो से टकरा रहे है। छोटे वाहन चालक इसमें खुद घायल हो रहे है तो दूसरी ओर आधी रात को भारी वाहनों के गुजरने के दौरान मवेशियों को दुर्घटनाओ का शिकार होना पड़ रहा है।

सभी मार्गों में परेशानी बरकरार
शहर के भीतर से होकर गुजरने वाले राजनांदगांव-कवर्धा राज्यमार्ग पर सोनेसरार, अमलीपारा, ईतवारी बाजार, तुरकारी पारा, पुराना स्टैंड, बस स्टैंड, सिविल लाइन, पालीटेक्रीक चौक, पिपरिया में सबसे ज्यादा मवेशी सड़कों पर पसर रहे है। दुर्ग मार्ग पर धनेली-धमधा मार्ग पर धरमपुरा, डोंगरगढ़ मार्ग पर दाउचोैरा पुल एवं वार्ड में सड़क पर बैठने वाले मवेशियों की संख्या सबसे ज्यादा है। ग्रामीण इलाकों में भी सभी मार्गो पर गांव के आसपास मवेशियों का डेरा सड़कों पर ही हो रहा है।

मवेशी मालिकों को चिंता नही
सड़कों पर पसरे मवेशी को लेकर उनके मालिकों को भी मवेशियो की चिंता नही है जिसके कारण मवेशियों का डेरा सड़कों पर हो रहा है। बारिश के चलते मालिकों द्वारा मवेशियों को शाम के दूध दूह कर सड़कों पर छोड़ा जा रहा है। जिसके कारण वाहन चालक आवाजाही करने वालों के साथ-साथ मवेशियों को भी दुर्घटना का शिकार होना पड़ रहा है।

प्रशासन की कार्यवाही भी बंद
सड़कों पर पसरे मवेशियों को हटाने पिछले साल नगरपालिका द्वारा अभियान चलाया गया था। मवेशियों की धरपकड़ कर उन्हें शासकीय कांजी हाऊस में छोड़ा गया था। पुलिस प्रशासन द्वारा भी सड़कों पर बैठने वाले मवेशियों के सिंगो पर रेडियम पटटी लगाई गई थी। इस साल परेशानी की शुरूआत होने के बाद भी प्रशासन की कार्यवाही बंद है जिसके कारण परेशानी बढ़ गई है।