
मनरेगा: जिले में जल्द शुरू होंगे जल संरक्षण और जल संचय का काम
राजनांदगांव. छत्तीसगढ़ में कोविड-19 के संक्रमण की संभावना वाले हॉट-स्पॉट क्षेत्रों को छोड़कर शेष इलाकों में मनरेगा के अंतर्गत सिंचाई विस्तार, जल संरक्षण और जल संचय के काम प्राथमिकता से शुरू होंगे। पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री टीएस सिंहदेव के निर्देश पर विभागीय प्रमुख सचिव गौरव द्विवेदी ने इस संबंध में सभी कलेक्टरों और जिला पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को परिपत्र जारी किया है। उन्होंने जिला एवं मैदानी अमले को स्थानीय परिस्थितियों का आंकलन कर सोशल डिस्टेंसिंग एवं कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए आवश्यक सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए मनरेगा कार्यों का क्रियान्वयन सुनिश्चित करने कहा है।
लॉक-डाउन और कोविड-19 के नियंत्रण के उपायों के बीच ग्रामीणों की आजीविका की सुरक्षा के लिए मनरेगा कार्यों के क्रियान्वयन के लिए केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा नए दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। नए दिशा-निर्देशों के अनुसार सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए और मुंह-चेहरे को ढंककर ही मनरेगा कार्यों का मैदानी क्रियान्वयन किया जा सकता है। लॉक-डाउन अवधि में सिंचाई विस्तार और जल संरक्षण के कायो्र्रं को प्राथमिकता के आधार पर शुरु करने के निर्देश दिए गए हैं। शासन-प्रशासन द्वारा नए कोविड-19 हॉट-स्पॉट क्षेत्रों का चिन्हांकन किए जाने पर उन इलाकों में ये कार्य नहीं किए जाएंगे।
इन कार्यों में फीडर कैनाल, डिस्ट्रीब्यूटर कैनाल, माइनर व सब-माइनर कैनाल जैसे सिंचाई सुविधा बढ़ाने के निर्माण कार्य तथा विभिन्न प्रकार के व्यक्तिमूलक व सामुदायिक चेक-डेम, सिंचाई कूप, गली प्लग, डबरी, मिनी परकूलेशन टैंक, रिचार्ज पिट एवं वाटर एब्सॉरप्शन ट्रेंच जैसे जल संरक्षण के निर्माण कार्य शामिल हैं।
Updated on:
18 Apr 2020 08:49 pm
Published on:
18 Apr 2020 08:49 pm
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