
वानरदल में आपसी लड़ाई में गंभीर घायल हुआ था बंदर
राजनांदगांव / डोंगरगांव. रविवार को स्थानीय विश्राम गृह में वानर दल में वर्चस्व को लेकर हुए लड़ाई में एक नर वानर गंभीर रूप से घायल हो गया था। जिसे घंटों मशक्कत के बाद वनविभाग के अमले ने पकड़कर उपचार उपचार उपरांत नर्सरी में सुरक्षार्थ रखा है। घटना दोपहर की है जब चिकित्सा विभाग के बने क्वार्टर के पीछे रेस्टहाऊस परिसर में वानरों का दल आपस में ही भिड़ गया था। संभवत: नर के वर्चस्व के लिए हुए इस लड़ाई में एक युवा नर वानर की अतडिय़ाँ तक बाहर आ गई थी। इसकी सूचना स्वास्थ्य विभाग के बीपीएम राकेश कुर्रे ने वनविभाग को दी जिसके बाद विभाग का अमला घंटों मशक्कत के बाद घायल बंदर को पकड़ा और इलाज के लिए पशु चिकित्सालय ले गए जहां डॉ.महेश केशरिया व डॉ.बीडी साहू ने घायल बंदर का सफल आपरेशन कर उसे वनविभाग के सुपुर्द कर दिया है।
रेस्क्यू दल पर वानरों का हुआ हमला
ज्ञात हो कि रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान वन विभाग व वहाँ मौजूद पीडब्ल्यूडी अमले पर आक्रोशित बंदरों ने हमला भी कर दिया था। इस रेस्क्यू ऑपरेशन में वनविभाग के शकुन्तला वैष्ण्व व विजयलक्ष्मी तारम, बृजेश मिश्रा, हीराराम साहू, भगतराम साहू का सराहनीय योगदान रहा। इस पूरे ऑपरेशन में वन विभाग के डोमरसिंह ठाकुर की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
सुरक्षा व साधन के अभाव में पहुंचता है रेस्क्यू दल
ज्ञात हो कि अंचल में वनविभाग के दो रेंज हैं. क्षेत्र में अक्सर वन्य जीवों के घायल होने व रहवासी क्षेत्रों में विचरण सहित अन्य घटनाएँ अक्सर सामने आते रहती है. इन घटनाओं में वन विभाग का स्थानीय अमला फौरी तौर पर पहुंच भी जाते हैं किन्तु इस अमले के पास इसके लिए ना ही कोई सुरक्षा के उपाय हैं और ना ही रेस्क्यू अथवा बचाव अभियान के लिए समुचित साधन व सामग्रियाँ है।
Published on:
01 Jun 2020 06:04 am
बड़ी खबरें
View Allराजनंदगांव
छत्तीसगढ़
ट्रेंडिंग
