
पंचायत परीसिमन करने के समय किया हुआ एक गलती बना बड़ा उलझन
राजनांदगांव / डोंगरगढ़. किसी ने कल्पना भी नहीं किया होगा कि पंचायत परीसिमन करने के समय किया हुआ एक गलती इतना बड़ा उलझन बन जाएगा। पंचायत परीसिमन करने के समय बिना सोचे समझे डोंगरगांव विधायक की अनुशंसा पर डोंगरगढ़ प्रशासन ने भी मुहर लगा दी कि मक्काटोला के आश्रित ग्राम को वहां से हटाकर नया पंचायत गोविंदपुर में जोड़ दिया गया, न ही हीरापुर के ग्रामीणों को पता चला और न ही मक्काटोला, हीरापुर के सरपंच को इसकी भनक लगने दी। गुपचुप तरीके से बिना किसी के सहमति के एक गांव को सीधा रास्ता से हटाकर दुर के पंचायत भेजने पर विवश कर दिया, लेकिन इसका पता लगने के बाद हीरापुर के सरपंच हेमलाल वर्मा ने हिम्मत दिखाया और मामले को हाईकोर्ट तक ले गया। वहां जीत मिला और आदेश आया कि हीरापुर के साथ गलत हुआ है, वह यथावत मक्काटोला में रहेगा। उस फैसले के खिलाफ राज्य शासन ऊपरी बेंच में रीट दायर किए, जिसका केस चल ही रहा था उसी समय पंचायत चुनाव शुरू हो गया जिसमें मक्काटोला पंचायत का चुनाव रोका गया और मोतीपुर एवं खुबाटोला का चुनाव की तैयारी शुरू कर दी गई, जिसके खिलाफ हेमलाल वर्मा ने फिर से हाईकोर्ट में कोर्ट आफ कंटेम कलेक्टर राजनांदगांव के खिलाफ किया। एक ही सुनवाई में हाईकोर्ट ने शासन -प्रशासन को यह आदेश दिया कि जब तक हीरापुर का मामला हाईकोर्ट में लंबित है तब तक मोतीपुर एवं खुबाटोला पंचायत का चुनाव नहीं होगा।
तीन पंचायत के साथ 6 गांव चार माह से झेल रहे परेशानी
अभी कोरोना महामारी के कारण सुनवाई लंबित होने के कारण ग्राम पंचायत मक्काटोला, मोतीपुर, खुबाटोला के पूर्व सरपंच को प्रधान एवं उनके पंचों को समिति का सदस्य बनाने के लिए राज्य शासन से 25 मार्च को आदेश जारी किया था, परंतु राजनांदगांव कलेक्टर आफिस से जनपद पंचायत डोंगरगढ़ को 1 जून को आदेश जारी किया। एक छोटी सी गलती के कारण कितने गांव प्रभावित हुआ, लाखों रूपए खर्चा, दौड़-धूप, मानसिक तनाव सरपंच हेमलाल वर्मा एवं हीरापुर के ग्रामीणों को उठाना पड़ा। अब चुनाव नहीं होने के कारण तीन पंचायत के साथ साथ 6 गांव चार माह से परेशानी झेल रहे हैं, इसमें खुबाटोला, मक्काटोला, मोतीपुर, गोविंदपुर, बरमपुर इन सभी गांवों के ग्रामीण इसमें दोष हेमलाल वर्मा को और हीरापुर के ग्रामीणों को ही दे रहे हैं। जबकि हमने सिर्फ और सिर्फ अपने गांव के साथ अन्याय हुआ उसके खिलाफ आवाज उठाए और अंतत: जीत सत्य की ही हो रही है अब मुझे इंतजार है, हमारे आखिरी रीट की सुनवाई की वह मेरे जीवन का आखिरी उम्मीद है, जिसके लिए हमारा लड़ाई शुरू हुआ है वह सफल तब होगा जब हमारा हीरापुर यथावत मक्काटोला पंचायत में ही रहेगा।
Published on:
03 Jun 2020 10:19 am
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