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महाशिवरात्रि: ये है विश्व का सबसे ऊंचा 108 फीट का शिवलिंग, यहां होते हैं 12 ज्योतिर्लिंगों के एक साथ दर्शन, Video

यह विश्व का एकमात्र मानव निर्मित विशालकाय शिवलिंग है। जिसकी ऊंचाई 108 फीट है। विशाल शिवलिंग रूपी सिद्धपीठ में विराजमान आदिदेव महादेव सहित द्वादश ज्योतिर्लिंग का महारुद्राभिषेक महाशिवरात्रि के दिन किया जाता है।

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महाशिवरात्रि: ये है विश्व का सबसे ऊंचा 108 फीट का शिवलिंग, यहां होते हैं 12 ज्योतिर्लिंगों के एक साथ दर्शन, Video

राजनांदगांव. शिवलिंग के आकार में बने प्रसिद्ध शक्तिपीठ मां पाताल भैरवी मंदिर में स्थिति विशालकाय शिव मंदिर में महाशिवरात्रि के मौके पर हर साल विशेष आयोजन किया जाता है। यह विश्व का एकमात्र मानव निर्मित विशालकाय शिवलिंग है। जिसकी ऊंचाई 108 फीट है। विशाल शिवलिंग रूपी सिद्धपीठ में विराजमान आदिदेव महादेव सहित द्वादश ज्योतिर्लिंग का महारुद्राभिषेक महाशिवरात्रि के दिन किया जाता है। यह छत्तीसगढ़ का एकमात्र ऐसा मंदिर है जहां एक साथ १२ ज्योतिर्लिंग के दर्शन होते हैं।

मां काली की प्रतिमा देखकर रोने लगते हैं श्रद्धालु
पाताल भैरवी में महाकाली की भी विशाल काले रंग की प्रतिमा है। मां के मुख की आभा देखकर यहां आने वाले श्रद्धालु भक्तिभाव में डूबकर रोने लगते हैं। काले पत्थरों से बनी मां काली रूद्र अवतार में यहां विराजित हैं। भूतल से लगभग १५ फीट नीचे जाने पर गुफा रूपी गर्भगृह में मां के दर्शन होते हैं।

शरद पूर्णिमा के दिन रातभर बंटता है अमृत रूपी खीर
शरद पूर्णिमा के दिन हर साल पाताल भैरवी में अमृत रूपी खीर रातभर बंटता है। विशेष मान्यताओं के चलते खीर रूपी प्रसाद ग्रहण करने के लिए न सिर्फ छत्तीसगढ़ बल्कि पूरे देशभर से लोग यहां जुटते हैं। वहीं नवरात्र पर्व पर यहां मेला लगता है।

त्रिपुर सुंदरी माता और द्वादश ज्योतिर्लिंग है मंदिर की खासियत
बर्फानी सेवाश्रम समिति के सचिव गणेश प्रसाद शर्मा गन्नू ने बताया कि संस्था द्वारा संचालित किए जा रहे बर्फानी आश्रम स्थित विश्व के अद्वितीय सिद्धपीठ जिसमें गर्भगृह में मां काली स्वरूपनी मां पाताल भैरवी राज राजेश्वरी त्रिपुर सुंदरी विराजमान है। दस महाविद्या द्वादश ज्योतिर्लिंग, शिव शक्ति सिद्धपीठ में 4 मार्च सोमवार होने के कारण महाशिवरात्रि विशेष महत्व लेकर आ रही है। ब्रह्म मुहूर्त में महारूद्राभिषेक किया जाएगा।