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शिक्षकीय सेवा के आधार पर क्रमोन्नति व पदोन्नत्ति की मांग को शासन तक पहुंचाने अभियान का हुआ आगाज

शिक्षा विभाग में रिक्त है 46 हजार पद

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 On the basis of educational service, the campaign started to reach the demand of promotion and promotion to the government

शिक्षा विभाग

राजनांदगांव / गंडई पंडरिया. शिक्षा विभाग में लगभग 46 हजार पद रिक्त है, प्राथमिक शाला प्रधान पाठक के 22 हजार, मिडिल प्रधान पाठक के 6 हजार, व्याख्याता के 10 हजार, शिक्षक के 08 हजार पद पदोन्नति हेतु रिक्त है, साथ ही प्राचार्य के पद की गणना शेष है। इसमें सबसे बड़ी बात यह है कि 22 हजार प्राथमिक शाला में प्रधान पाठक का पद 14 वर्ष से रिक्त है। शिक्षा विभाग में भर्ती व पदोन्नति नियम 2019 में, पदोन्नति हेतु 5 वर्ष की सेवा अनुभव का प्रावधान किया गया है। एलबी संवर्ग के शिक्षकों का शिक्षकीय सेवा अनुभव 22 वर्ष तक का है, अत: शिक्षकीय सेवा के आधार पर प्रदेश के हजारों रिक्त पदों की पूर्ति किया जाने की मांग है। छत्तीसगढ़ शासन में शोषण की यह पराकाष्ठा ही है कि 22 वर्ष की शिक्षकीय सेवा के बाद भी हजारों एलबी संवर्ग के शिक्षक पदोन्नति, क्रमोन्नति से वंचित है।

नियुक्ति के 10 वर्ष बाद क्रमोन्नति का है प्रावधान
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार शिक्षा विभाग में 10 वर्ष की सेवा पश्चात क्रमोन्नति का प्रावधान है, सरकार ने अपने जनघोषणा पत्र में पदोन्नति से वंचित एलबी संवर्ग के शिक्षकों को क्रमोन्नति देने का वादा किया है, अत: प्रथम नियुक्ति के आधार पर सेवाकाल की गणना कर 10 वर्ष पूर्ण करने वाले शिक्षकों को क्रमोन्नति दिया जावे। शिक्षकीय सेवा के आधार पर एलबी संवर्ग के शिक्षकों को पदोन्नत्ति व क्रमोन्नति देने के लिए शिक्षा विभाग को तत्काल निर्णय लेना चाहिए। पदोन्नत्ति व क्रमोन्नति की मांग को शासन तक पहुंचाने प्रदेश के सभी शिक्षक सेल्फी फॉर पदोन्नत्ति-क्रमोन्नति अभियान के तहत शिक्षकीय सेवा के आधार पर पदोन्नत्ति व क्रमोन्नति का लाभ देने की मांग के समर्थन में अभियान चलाएंगे। छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन के ब्लाक अध्यक्ष संजय सिंह राजपूत, ब्लॉक संयोजक बल्दाऊ जंघेल, जय नारायण तिवारी, ब्लॉक उपाध्यक्ष मरकाम, गन्गू टंडन, जिला उपाध्यक्ष भारत साहू, कौशल राजपूत, रामसुख निषाद राजेंदर यादव ने मांग की है।