
हिचकोलौं भरी यात्रा की मजबूरी इसलिए क्योंकि 50 गांवों का रास्ता सालों से बदहाल पड़ा है, गड्ढ़ों में फंस जाते हैं पहिए
राजनांदगांव / ठेलकाडीह. करोड़ों की सड़क पर चलने का नागरिकों का सौभाग्य प्राप्त होता, उससे पहले ही घटिया स्तर के हुए काम की शनिवार को हुई बारिश ने पोल खोल दी है। इससे सड़क निर्माण की गुणवक्ता की पोल खोल खुल गई। पदुमतरा से चिखली तक बन रही नवनिर्माण सड़क में करोड़ों खर्च हो रहे है। इस मार्ग पर कई जगह बनी सड़क की फींलिग में दरारे तो कहीं पर कमजोर बेस के चलते बह गई है।
इधर शासन-प्रशासन करोड़ों खर्च कर रहे हैं। पर जिस तरह पदुमतरा-चिखली मार्ग के निर्माण में लापरवाही बरती जा रही है इससे अंदाजा लगाया जा सकता है, कि निर्माण के बाद यह सड़क कितने दिन टिकेगी। लोग घटिया स्तर के काम का पहले से कई बार विरोध जता चुके है। लेकिन निर्माण एंजेसी व संबंधित प्रशासनिक अफसर लापरवाही दिखाने में लगे है। आपको बता दे कि इस मार्ग का निर्माण अभी चल रहा है। लेकिन बीच में कई जगह सड़क बन चुकी है। उसमें भी कई जगह सड़क के किनारे फिलिंग में बड़ी-बड़ी दरारे तो कही धसक गई है। सड़क निर्माण में निर्माण एंजेसी की लापरवाही दिख रही है।
पुल के आसपास धंसी थी मिट्टी अब सड़क में भी पड़ रही दरार
बखत रेंगाकठेरा के बड़े पुल के आगे पुलिया का निर्माण किया गया है। इस पुलिया के आसपास की मिट्टी धंस गई थी। जिसे ठेका कंपनी के अफसरों ने आनन-फानन में ठीक कराया। तो वहीं सड़क में दरारे भी आ गई है। इसी मार्ग पर डिलापहरी के नजदीक बनी पुलिया के आसपास भी सोल्डर फट गई है। मतलब साफ है कई जगह पर निर्माण एंजेसी निर्माण के दौरान जमकर लापरवाही बरत रही है। जिसके कारण असमय हुई बारिश में ही इनकी पोल खुल गई।
कलडबरी-टेड़ेसरा मार्ग की तर्ज पर हो रहा काम, लोगों में डर
करोड़ों की सड़क निर्माण कुछ वर्ष पूर्व कलडबरी (दसवां मिल) से टेड़ेसरा तक बनी है। इस सड़क के निर्माण के सालभर बाद ही परखच्चे उड़ गए है। जगह-जगह सड़क धंस गई है। मरम्मत भी की गई, उसमें भी लीपापोती कर दी है। पदुमतरा-चिखली तक सड़क का नवनिर्माण भी कुछ इसी तरह चल रही है। लोगों को डर सता रहा है कि कलडबरी-टेड़ेसरा तक बनी सड़क की सालभर बाद जो हालात हो गई है, इस मार्ग की भी न जो जाए। जिसका डर लोगों को सता रहा है।
Published on:
05 Jun 2018 11:55 am

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