
दयनीय स्थिति... बुनकरों की माली हालत खराब, करने लगे है पलायन।
राजनांदगांव / जोंधरा. मिली जानकारी के अनुसार जिले में करीब 40 बुनकर समितियां है जिनमें कुछ बुनकर समितियां परंपरागत एवं कुछ बुनकर समितियां पहल कर बनायी गयी है जिनसे ग्रामीणों का पलायन एक प्रकार से ठहर ही गया था और ग्रामीणों को उनके गृह निवास में ही रोजगार प्राप्त हो गया पर पिछले चार माह से बुनकरों को धागों की सप्लाई नही होने के चलते अब ग्रामीण बुनकर, मजदूर पुन: पलायन करने जाने मजबूर हो गये है ।
कहां से आते है बुनकर को धागा
बुनकरों को एक मात्र की धागा की सप्लाई हाथकरघा बुनकर संघ रायपुर से प्रदान किया जाता है पर पिछले 4 माह से बुनकरों को धागों की सप्लाई रोक दी गयी, बुनकर सहकारी समिति ग्राम चांदो के अध्यक्ष खिलावन देवांगन ने प्रतिनिधि को बताया कि जब वो धागे के बारे में जानकारी लेने जिला हथकरघा कार्यालय राजनंादगांव तथा बुनकर संघ रायपुर गये तो उन्हे जानकारी दी गयी कि शासन से शासकीय वस्त्र आपूर्ति आदेश नही मिलने से धागो की सप्लाई समितियों में बंद कर दी गई व नई समितियों को प्रदान नहीं की जा रही है।
कहां होती है वस्त्र सप्लाई
इन ग्रामीण बुनकरों द्वारा निर्मित वस्त्रों की सप्लाई बुनकर संघ रायपुर के माध्यम से शासकीय शिक्षा विभाग स्वास्थ्य विभाग, पुलिस विभाग, वन विभाग, आदिवासी विकास व अन्य शासकीय विभागों में सप्लाई किया जाता है।
बुनकरों ने की शासन से सप्लाई की मांग
हाथकरघा बुनकर अपने घर में ही यह कार्य करते है । घर के प्रत्येक व्यक्ति मिलकर प्रतिदिन औसतन 200 से 300 रूपये की कमाई कर लेते है । इससे इनके परिवार का गुजारा वही आसानी से हो जाता है पर लंबे समय से धागा की आपूर्ति नहीं होने से इनके सामनें रोजी रोटी की समस्या आ गयी है। अत: उन्हे शीघ्र ही शासन से धागा सप्लाई की मांग की है।
प्रभावित बुनकरों के गांव
डोंगरगांव, कन्हारपुरी, सोमाझिटिया, खुर्सीटिकुल, जोंधरा, कुमरदा, उमरवाही, ढाढूटोला, देवरी, कान्हे, अम्बागढ चौकी, सोनसाय टोला, अर्जुनी आदि है।
Published on:
06 Apr 2019 05:04 am
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