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बग्गड़ के देवीसिंह की संदिग्ध मौत पर गहराया आक्रोश, चौबीस गांवों की महापंचायत ने भरी हुंकार

भीम. उपखंड क्षेत्र के बग्गड़ ग्राम पंचायत अंतर्गत बड़ावास गांव में देवीसिंह पुत्र लक्ष्मणसिंह रावत की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मृत्यु का मामला अब तूल पकड़ चुका है। परिजनों और क्षेत्रवासियों ने इसे साधारण सड़क हादसा मानने से साफ इनकार करते हुए इसे बीमा क्लेम के लालच में की गई सुनियोजित हत्या बताया है। संदिग्ध […]

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Bheem Crime News

भीम. उपखंड क्षेत्र के बग्गड़ ग्राम पंचायत अंतर्गत बड़ावास गांव में देवीसिंह पुत्र लक्ष्मणसिंह रावत की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मृत्यु का मामला अब तूल पकड़ चुका है। परिजनों और क्षेत्रवासियों ने इसे साधारण सड़क हादसा मानने से साफ इनकार करते हुए इसे बीमा क्लेम के लालच में की गई सुनियोजित हत्या बताया है।

संदिग्ध हालात और साक्ष्यों पर सवाल

परिजनों के अनुसार 7 मार्च को देवीसिंह का शव कुंडेली रोड पर मिला था। घटनास्थल की स्थिति कई सवाल खड़े करती है। शव के घुटनों और उंगलियों पर चोट के निशान पाए गए। शरीर को घसीटे जाने के स्पष्ट संकेत मिले, साथ ही बाल उखड़े हुए थे। एक चप्पल शव के पास जबकि दूसरी करीब 300 मीटर दूर मिली, जो सामान्य सड़क हादसे में संभव नहीं माना जा रहा। जिस बाइक से टक्कर की बात कही जा रही है, उसके चालक और कथित चश्मदीद ने भी घटना से इनकार किया है।

‘इंश्योरेंसकिलिंग’ गैंग का आरोप

परिजनों ने मृतक के सगे भाई दिनेशसिंह उर्फ दूदसिंह और उसकी पत्नी इंद्रा पर साजिश रचकर हत्या करने का गंभीर आरोप लगाया है। ग्रामीणों का कहना है कि मृतक के नाम पर हाल ही में कई बीमा पॉलिसियां ली गई थीं, जिनमें दिनेशसिंह को नॉमिनी बनाया गया था। ग्रामीणों ने भीम पुलिस उपाधीक्षक राकेश वर्मा के समक्ष यह भी आरोप रखा कि क्षेत्र में एक गैंग सक्रिय है, जो भोले-भाले लोगों का बीमा करवाकर बाद में क्लेम राशि के लिए उनकी हत्या कर देता है।

महापंचायत में उमड़ा जनाक्रोश

पुलिस की सुस्त कार्यप्रणाली से नाराज ग्रामीणों ने शनिवार को बग्गड़ स्थित वीर तेजाजी मंदिर प्रांगण में चौबीस गांवों की महापंचायत आयोजित की। इसमें बड़ी संख्या में ग्रामीण, युवा और महिलाएं शामिल हुईं। मामले की गंभीरता को देखते हुए भीम विधायक हरिसिंह रावत और डीएसपी राकेश वर्मा मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि जब तक कथित “बीमागैंग” का पर्दाफाश नहीं होता और दोषियों की गिरफ्तारी नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

प्रशासन का आश्वासन

विधायक हरिसिंह रावत ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि वे व्यक्तिगत रूप से मामले की निगरानी करेंगे और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। वहीं डीएसपी राकेश वर्मा ने निष्पक्ष जांच और त्वरित कार्रवाई का भरोसा दिया। ग्रामीणों ने जिला पुलिस अधीक्षक के नाम ज्ञापन सौंपकर उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।