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##Diwali : श्रीनाथजी मंदिर में कान्ह जगाई कल, गोवर्धन पूजा और अन्नकूट महोत्सव 20 को : देशभर से आएंगे लोग

श्रीनाथजी मंदिर में दीपोत्सव : कान्ह जगाई के बाद गोवर्धन पूजा व अन्नकूट

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नाथद्वारा. श्रीनाथजी की नगरी में दीपावली, गोवर्धन पूजा व अन्नकूटोत्सव धूमधाम से मनाया जाएगा। गुरुवार को दीपोत्सव के साथ मंदिर में कान्ह जगाई व शुक्रवार को गोवर्धन पूजा एवं अन्नकूट होगा।
आगन्तुक वैष्णवों के आवास, सुरक्षा व सुविधाजनक दर्शन-व्यवस्था को लेकर मन्दिर मण्डल द्वारा धूमधाम से तैयारी की जा रही है। आगन्तुक वैष्णवों की सुविधा के लिए पानी-प्रकाश व स्वच्छता को लेकर विशेष व्यवस्थाएं की गई है। वैष्णवों को सुगमता से आवास उपलब्ध कराने मन्दिर मण्डल द्वारा केन्द्रीय पूछताछ एवं आरक्षण कार्यालय चौबीस घंटे खुले रहने की व्यवस्था की गई है। माणक चौक, केन्द्रीय पूछताछ एवं आरक्षण कार्यालय पर कन्ट्रोल रूम एवं सूचना केन्द्र बनाए गए हैं, जहां से दर्शन व आवास संबंधित जानकारी प्राप्त की जा सकेगी। नगर में आने वाले यात्री वाहनों की पार्किंग व्यवस्था के लिए सीनियर माध्यमिक विद्यालय फौज के प्रांगण, नाथूवास चौराहा एवं द्वारकाधीश मन्दिर, मोबेगढ़ के पास व्यवस्था की गई है। आपात सेवा के लिए राजकीय एम्बुलेन्स एवं स्टाफ तैनात किया गया है। सुरक्षा की दृष्टि से दीपावली पर्व पर मन्दिर परिसर में मोबाइल फोन एवं कैमेरा ले जाना पूर्णत: निषिद्ध किया गया है। वहीं, मन्दिर परिसर में जेबकटी, छेडख़ानी, जेवरात चोरी अथवा अन्य कोई अप्रिय घटना विशेषकर भगदड़ आदि को दृष्टिगत रखते हुए जिला एवं पुलिस प्रशासन से सहयोग लिया गया है। साथ ही गोमाता को उक्त दिनों कष्ट न हो इसका विशेष प्रबन्ध किया गया है। इसके लिए हेडग्वाल को पाबन्द कर व्यवस्था के लिए टीमों का गठन किया गया है। अन्नकूट के दर्शनों के लिए पुरुषों का प्रवेश चौपाटी से सेठों का पायसा होते हुए प्रीतमपोली से एवं महिलाओं के लिए प्रवेश नक्कारखाना चौक से होगा तथा सभी का निकास मोतीमहल से होते हुए होगा। वहीं, विशिष्टनों के लिए दर्शन की विशेष व्यवस्था मोतीमहल स्थित सहायता केन्द्र से की गई है।


लक्ष्मी पूजन
दीपावली के अवसर पर मंदिर के श्रीकृष्ण भंडार में लक्ष्मी पूजन गुरुवार रात साढ़े आठ बजे से लगभग डेढ़ घंटे तक होगा।


अन्नकूट पर दर्शन
मंगला दर्शन प्रात: साढ़े पांच बजे से लगभग 1 घंटे तक होंगे, जिसके बाद वल्लभ सम्प्रदाय की द्वितीय पीठ में बिराजित युगल स्वरूप विट्ठलनाथजी लाव लश्कर के साथ लगभग दो बजे श्रीजी में पधारेंगे एवं शाम साढ़े चार बजे गोवद्र्धन पूजा चौक में गोवर्धन पूजन होगा, जिसमें निधि स्वरूप लाड़ले लालन पधारेंगे। वहीं, अन्नकूट के प्रसाद एवं प्रभु श्रीनाथजी के दर्शन रात्रि 9 बजे खुलेंगे, जो लगभग ढाई घंटे तक होंंगे। इसके बाद भोग सरने की परंपरा होगी। रात्रि को लगभग 11 बजे से लूट के दर्शन प्रारंभ होंगे।
(नोट : विशेष सेवा सेवा-पूजा परम्परा एवं विधि-विधान पर आधारित है, अत: समय में कुछ परिवर्तन संभव है।)


कान्ह जगाई की अलौकिक परंपरा
दीपावली के दिन सायंकाल गोमाता मंदिर के गोवर्धन पूजा चौक में पधारेगी। यहां श्रीजी बावा के निधि स्वरूप लाड़ले लालन के सूरजपोल के पास बिराजित होने के बाद तिलकायत राकेश महाराज उनके पुत्र विशाल बावा गोमाता का पूजन करेंगे। इसके बाद तिलकायत नंदवंश की मुख्य गोमाता के कान में कहेंगे कि कल गोवर्धन पूजा में बैगी पधारियो। इस अलौकिक परंपरा के बाद वहां से सभी गोमाता को पुन: रवाना किया जाएगा, जो अगले दिन शुक्रवार शाम को पुन: गोवर्धन पूजा चौक में पदार्पण करेंगी एवं गोवर्धन को घूंदने के बाद पुन: यहां से अपने निज स्थान नाथूवास स्थित गोशाला लौटेंगी। दो दिवसीय इस आयोजन के लिए गोमाता गुरुवार प्रात: 10 बजे गोशाला से यहां पधारेंगी, जिनके लिए श्रीवल्लभ विलास कॉटेज के पार्किंग परिसर में ठहरने की व्यवस्था की गई है।


गोमाता को मेहंदी लगाई
कान्ह जगाई एवं गोवर्धन पूजा के अवसर पर मंदिर में पधारने वाली गोमाता को नाथूवास स्थित मुख्य गोशाला में हेड ग्वाल दीपक गुर्जर के नेतृत्व में ग्वाल-बालों ने मंगलवार को मेहंदी लगाने व रंगरोगन से सजाने का कार्य किया। इसके बाद बुधवार को सभी गोमाता के सिर पर विभिन्न रंगों के वस्त्रों की पट्टियां व मुख्य गोमाता के मोरपंख आदि से बनी पट्टियां, एवं गले में घंटी आदि बांधकर पूरी तरह से सजाया जाएगा।