
राजसमंद. मां अन्नपूर्णा की शृंगारित प्रतिमा।
राजसमंद. यह मंदिर राजसमंद झील किनारे दक्षिण-पश्चिम में स्थित है, जहां पहुंचने का एक कच्चा व एक हाइवे से सेवाली के पास सड़क मार्ग है। मुख्य पुजारी पंडित गोपाल श्रोत्रिय के अनुसार अतिप्राचीन मंदिर की ऐसी मान्यता है कि यहां आने वाले श्रद्धालुओं की मां सभी मनोकामनाएं पूरी करती हैं और उसके घर में कभी अन्न-जल की कमी नहीं होती है।
दो सटी हुई पहाडिय़ों में से एक के शिखर पर बने राजमंदिर में मां अन्नपूर्णा बिराजित है, जहां से झील का आकर्षक नजारा भी दिखाई देता है। मान्यता है कि मां अन्नपूर्ण के बिराजित होने के बाद इस नगर में कभी अकाल नहीं पड़ा और तमाम विपदाओं को मां ने दूर किया। कहा जाता है कि राजमंदिर का निर्माण शहर के संस्थापक महाराणा राजसिंह ने अपनी मनोकामनाएं पूरी होने पर करवाया था। महाराणा राजसिंह मांगलिक कार्य को लेकर जब संवत् 1698 में जैसलमेर जा रहे थे, तब मार्ग में गोमती नदी का वेग बहुत अधिक होने से वह उसे पार नहीं कर पाए थे। अथाह जलराशि को देखने वह राजमन्दिर की पहाड़ी पर चढ़े। तीक्ष्ण बुद्धि के धनी राणा राजसिंह ने अपने साथियों के साथ ऊंचाई से अथाह जल देखा और मन ही मन संकल्प लिया कि जब भी अवसर मिलेगा, यहां बड़े जलाशय का निर्माण कराएंगे। संवत् 1709 फाल्गुन कृष्णा-2 को मेवाड़ का शासन सम्भालने के बाद राजसिंह पुन: वर्तमान राजमन्दिर आए और उन्होंने संकल्प की पूर्ति के लिए पुरोहित से अपनी इच्छा का जिक्र किया। पुरोहित से विमर्श के बाद महाराणा ने भव्य राजमंदिर का निर्माण करवाया। अपने जन हितैषी कार्यों के लिए जाने जाते रहे महाराणा राजसिंह ने पूरे मेवाड़ में 121 कुएं-बावडिय़ां, जयसमंद, रंग सागर, तालाब बनवाए। कहा जाता है कि महाराणा राजसिंह को संकल्प की पूर्ति के लिए मां भगवती का असीम आशीर्वाद प्राप्त हुआ। राजसिंह ने अपने कार्यों की सफलता का श्रेय मां भगवती (गिरिवर माता) को दिया। मंदिर में मेवाड़-मारवाड़ सहित प्रदेश के विभिन्न प्रांतों से श्रद्धालु यहां पहुंचकर मां अन्नपूर्णा के मंदिर में दर्शन करते हैं। नवरात्रि में यहां विशेष भीड़ रहती है। कतारबद्ध व्यवस्था से दर्शन कराए जाते हैं।
खेड़ा देवी माता, मोलेला : पांच सदी से बिराजी हैं मां : खमनोर. मोलेला में पहाड़ी पर खेड़ा देवी माता का मंदिर हैं। नवरात्रि में 9 दिन तक विविध धार्मिक आयोजन होंगे। माताजी का मंदिर 500 साल से भी ज्यादा पुराना हैं। खेड़ा देवी माता मंदिर पर सोमवार शाम को घट स्थापना होगी। घट स्थापना के साथ ही नवरात्रा की विशेष सेवा पूजा शुरू हो जाएगी।
Published on:
26 Sept 2022 11:30 am
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