
आखिर ऐसा क्या हो गया कि टायर जलाकर करना पड़ा अंतिम संस्कार
प्रमोद भटनागर
आगरिया. आगरिया पंचायत के हवाला गांव में गुरुवार को कैंसर पीडि़त की मौत होने पर शव को टायरों से जलाकर अंतिम संस्कार करना पड़ा। जिससे स्थानीय निवासियों में खासा रोष है।
बुधवार-गुरुवार की दरमियानी रात्रि को गांव के मियाराम गाडरी जो कि कैंसर से पीडि़त थे उसकी मौत हो गई। जिस पर सुबह ग्रामीण और परिजन शव को दाह संस्कार के लिए श्मशान ले गए। श्मशान में टीनसेड नहीं होने, और तेज बारिश के चलते शव को करीब दो घंटे बारिश में ही रखना पड़ा। बारिश थमने के बाद ग्रामीणों ने दाह संस्कार की शुरुआत की लेकिन लकडिय़ा व शव बारिश में गीले होने से आग नहीं जली। इस पर टायरों को रखकर चिता को जलाया गया। ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत व स्थानीय विधायक सुरेंद्र सिंह राठौड़ को कईबार इस समस्या से अवगत कराने के बाद भी दाहसंस्कार के लिए टिन शेड का निर्माण नहीं कराया गया है।
ये खातेदारी जमीन है...
गांव वालों ने श्मशाम में टीनसेट के लिए पंचायत को अवगत करवाया गया था, लेकिन किसी की निजी खातेदारी जमीन होने के कारण हमने टीन सेट नहीं डलवाया, दूसरी कोई जमीन देख रहे हैं जो श्मशान के नाम एलॉटमेंट करवाएंगे।
-कन्हैयालाल सालवी, सरपंच आगरिया
Published on:
14 Jun 2019 12:09 pm
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