22 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

नगर परिषद की बजट बैठक: हंगामे के बीच बिना चर्चा 1.95 अरब का बजट पारित

- भाजपा पार्षदों ने किया बहिष्कार, सत्तापक्ष ने मेजें थपथपाकर बजट कर दिया पास, चौराहों के नामकरण और विकास के मुद्दे पर चर्चा नहीं करने देने की बात पर हुआ हंगामा

2 min read
Google source verification
नगर परिषद की बजट बैठक: हंगामे के बीच बिना चर्चा 1.95 अरब का बजट पारित

नगर परिषद के सभागार में साधारण सभा की बजट बैठक

राजसमंद. नगर परिषद के सभागार में साधारण सभा की बजट बैठक में जमकर हंगामा हुआ। शहर के विकास के मुद्दों पर चर्चा नहीं होने देने और अपने चहेतों को खुश करने के लिए सड़कों एवं चौराहों का नामकरण करने का आरोप लगाते हुए भाजपा समर्थित पार्षदों ने साधारण सभा का बहिष्कार कर दिया। वे सभागार के बाहर धरने पर बैठकर नारेजाबी करने लगे। हंगामे के बीच नगर परिषद सभापति साधारण सभा में शामिल एजेंडों को पढ़ते रहे और कांग्रेस पार्षद मेजें थपथपाकर उसका समर्थन करते रहे। इस दौरान एक अरब 95 करोड़ 23 लाख 73 हजार रुपए का बजट पारित किया गया।
नगर परिषद की साधारण सभा नगर परिषद सभापति अशोक टांक की अध्यक्षता में शुरू हुई। सभापति ने वित्तीय वर्ष 2023-2024 के बजट को पढ़ा। इसके बाद नेता प्रतिपक्ष हिम्मत कुमावत ने कहा कि साधारण सभा का एजेंडा 17 फरवरी को जारी हुआ, इसके बावजूद हमें 22-23 फरवरी को मिला है। ऐसे में हम इसे पूरी तरह से पढ़ भी नहीं पाए हैं। उन्होंने सभापति को चुनौती देते हुए कहा कि बजट में आपने क्या देखा है उसे बताएं। आपको जो अधिकारियों ने बजट लिखकर दिया है उसे पढ़ रहे हैं। इस दौरान भाजपा-कांग्रेस समर्थित पार्षदों के बीच तकरार हो गई। इस पर उपसभापति चुन्नीलाल साहू ने मामला शांत कराया। बैठक में शामिल विभिन्न चौराहा एवं सड़कों का नामकरण एवं मूर्ति स्थापना पर विचार-विमर्श के मुद्दों पर नेता प्रतिपक्ष कुमावत, पार्षद मोहन कुमावत और दीपक शर्मा ने कहा कि चौराहा का नामकरण पहले ही हो चुका है। उन्हें बदलकर चहेतों को खुश करना चाह रहे हैं। इस बात को लेकर हंगामा हो गया। इससे आक्रोशित भाजपा समर्थित पार्षदों ने बोर्ड बैठक का बहिष्कार कर दिया और सभाकक्ष के बाहर धरने पर बैठ गए। हंगामे के बीच सभापति अशोक टांक एजेंडे में शामिल बिन्दुओं को पढ़ते रहे और कांग्रेस समर्थित पार्षद मेज थपथपाकर उसका समर्थन करते रहे। इसके बाद सभापति ने साधारण सभा समाप्ति की घोषणा कर दी। उल्लेखनीय है कि वर्तमान बोर्ड में कांग्रेस के पार्षद 27, 8 मनोनीत पार्षद और भाजपा के 18 पार्षद है। पिछले साल 27 फरवरी 2022 को बजट बैठक में भी जमकर हंगामा हुआ था।

मात्र 33 मिनट में निपट गई बोर्ड बैठक
नगर परिषद की साधारण सभा सोमवार को दोपहर 11.25 बजे शुरु हुई। नगर परिषद सभापति अशोक टांक ने बजट के मुख्य अंशों को पढ़ा। इसके बाद हंगामा होने के चलते 11.58 बजे सभापति टांक ने साधारण सभा समाप्ति की घोषणा कर दी।
एक शब्द विशेष को लेकर हुआ हंगामा
नेता प्रतिपक्ष हिम्मत कुमावत ने साधारण सभा में कहा कि शहर गंदगी से अटा पड़ा है। मूत्रालयों की सफाई नहीं हो रही है। कर्मचारी और अधिकारी आपकी बात नहीं मानते हैं। साधारण सभा पूरे एक साल बाद हो रही है, जबकि नियमानुसार यह साल में छह बार होनी चाहिए। शहर का विकास ठप पड़ा है। जनता हमारे से विकास की उम्मीद कर रही है। इस दौरान उन्होंने एक शब्द विशेष का उपयोग कर दिया। इस बात को लेकर हंगामा हो गया। कांग्रेस के पार्षद हेमंत गुर्जर, दीपक जैन आदि ने विरोध दर्ज कराया। इस दौरान मामला बढ़ता देख उप सभापति चुन्नीलाल ने मामले को शांत कराया।
जमादार को करे पाबंद, आदर से करें बात
साधारण सभा में उपसभापति चुन्नीलाल साहू ने कहा कि नगर में सफाई व्यवस्था हो रही है, लेकिन कई स्थानों पर जमादार सही काम नहीं कर रहे हैं उन्हें पाबंद किया जाए। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों से कर्मचारी और अधिकारियों को आदर से बात करनी चाहिए। उन्होंने पुराने बस स्टैण्ड की पार्किंग व्यवस्था और फ्लड लाइट के काम भी सराहा।