
DM ARUN HASEEJA
राजसमंद. राजसमंद जिले में प्रशासनिक जिम्मेदारी को मानवीय संवेदना से जोड़ते हुए जिला कलेक्टर अरुण कुमार हसीजा ने एक ऐसा संकल्प लिया है, जिसने पूरे प्रशासनिक हल्के में चर्चा और प्रेरणा दोनों पैदा कर दी है। गरीब, बेसहारा और जरूरतमंद वर्ग को समय पर उनका वैधानिक हक मिले, इसके लिए कलेक्टर ने पालनहार योजना, सामाजिक सुरक्षा पेंशन और राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (एनएफएसए) से जुड़े सभी लंबित प्रकरणों का इसी माह शत-प्रतिशत निस्तारण करने के स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं। जिला कलेक्टर ने सभी उपखंड अधिकारियों को निर्देशित किया कि किसी भी पात्र व्यक्ति को योजनाओं के लाभ से वंचित न रहने दिया जाए। इसके लिए तहसीलदारों और विकास अधिकारियों के माध्यम से निरंतर समीक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
उन्होंने विशेष रूप से कहा कि जिन बच्चों के सिर से पिता का साया उठ चुका है, उनके पालनहार योजना के सत्यापन की प्रक्रिया 28 जनवरी तक हर हाल में पूरी की जाए। इसी तरह वृद्धजन, दिव्यांग और निराश्रित व्यक्तियों की पेंशन सत्यापन प्रक्रिया भी इसी माह पूरी होनी चाहिए। साथ ही जिन गरीब परिवारों को अब तक एनएफएसए के तहत गेहूं नहीं मिला है, उन्हें इसी माह खाद्य सुरक्षा का लाभ मिलना अनिवार्य किया गया है।
जिला कलेक्टर हसीजा ने यह स्पष्ट किया कि वे दंडात्मक कार्रवाई के बजाय प्रेरणा, मार्गदर्शन और नैतिक जिम्मेदारी के माध्यम से लक्ष्य हासिल करना चाहते हैं। इसी सोच के साथ उन्होंने एक असाधारण घोषणा करते हुए कहा कि यदि इस माह सभी उपखंड अधिकारी गरीबों को उनके अधिकार दिलाने में सफल नहीं होते हैं, तो वे स्वयं जनवरी माह का वेतन नहीं लेंगे।
अपने इस संकल्प को औपचारिक रूप देते हुए जिला कलेक्टर ने कलेक्ट्रेट के लेखाधिकारी प्रवीण सिंह को निर्देश दिए कि जनवरी माह का उनका वेतन बिल तब तक तैयार नहीं किया जाए, जब तक सभी उपखंड अधिकारी शत-प्रतिशत सत्यापन और निस्तारण का प्रमाण-पत्र प्रस्तुत नहीं कर देते।
जिला कलेक्टर के इस निर्णय का असर तत्काल दिखाई दिया। शनिवार के अवकाश के बावजूद जिले के सभी उपखंड अधिकारियों और प्रशासनिक अमले ने पालनहार योजना, पेंशन सत्यापन और एनएफएसए के लंबित मामलों के निस्तारण में सक्रियता से कार्य किया। इससे यह उम्मीद और मजबूत हुई है कि इसी माह सभी योजनाओं के लक्ष्य पूरे होंगे और पात्र गरीब परिवारों तक उनका अधिकार पहुंचेगा। यह पहल जिला प्रशासन में एक ऐसे अधिकारी की पहचान बनकर उभरी है, जिसने पद की गरिमा से अधिक कर्तव्य, जवाबदेही और मानवीय मूल्यों को प्राथमिकता दी है। राजसमंद में जिला कलेक्टर का यह संकल्प प्रशासनिक सेवा में जनकल्याण की एक प्रेरणादायी मिसाल के रूप में देखा जा रहा है।
राज्य के मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने सहृदयता और सहजता का परिचय देते हुए जिला कलेक्टर अरुण कुमार हसीजा से फोन पर बातचीत की। मुख्य सचिव ने कहा कि सरकार की विभिन्न योजनाओं में राजसमंद जिले की प्रगति संतोषजनक है। उन्हें पूरा विश्वास है कि पालनहार योजना, पेंशन सत्यापन और एनएफएसए से जुड़े शेष लंबित कार्य भी इसी माह पूरे कर लिए जाएंगे, ऐसे में वेतन रोकने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। इस पर जिला कलेक्टर हसीजा ने कहा कि वे मुख्य सचिव की सहृदयता से अभिभूत हैं और सभी निर्धारित लक्ष्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा।
Published on:
18 Jan 2026 12:27 pm
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