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राजस्थान के देवीलाल की डॉक्टरों ने बदल दी किस्मत, रीढ़ की हड्डी खोलकर स्क्रू डाले, झुकी कमर कर दी सीधी

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Ankylosing Spondylitis Operation

राजसमन्द/अहमदाबाद। राजस्थान के इस युवक को अजीब बीमारी थी, जिसके चलते रीढ़ की हड्डी के मणके (गांठे) एक दूसरे से चिपक गए और शरीर अंग्रेजी के 7 आकार में हो गया। शरीर की एक ऐसी बीमारी जिसमें जोड़ों की हड्डी एक दूसरे से चिपक जाती हैं। इस बीमारी को चिकित्सकीय भाषा में Ankylosing Spondylitis कहा जाता है।

अहमदाबाद के सिविल अस्पताल में इसका सफल ऑपरेशन किया है। निजी अस्पतालों में आठ से दस लाख रुपए में होने वाला ऑपरेशन में मुफ्त में किया गया। राजस्थान के राजसमन्द जिले की देवगढ़ तहसील के संग्रामपुरा गांव निवासी देवीलाल पन्नाराम साल्वी (25) को पांच वर्ष पूर्व चोट लगी थी। चार वर्ष बाद चोट उभरने लगी और शरीर झुकने लगा। असहनीय दर्द भी होता था।

बड़े अस्पतालों ने लौटाया
बड़े भाई लक्ष्मण ने बताया कि देवीलाल को राजस्थान के कई बड़े अस्पतालों में दिखाया, लेकिन हल नहीं निकला। उदयपुर के एक अस्पताल में पांच लाख रुपए का खर्च बताया, लेकिन डॉक्टर ने कहा था कि कोई गारंटी नहीं कि ऑपरेशन सफल होगा। अहमदाबाद के एक निजी अस्पताल में भी दिखाया गया, यहां भी ऑपरेशन सफल होने की गारंटी नहीं दी गई। इसके बाद किसी ने सलाह दी कि अहमदाबाद के सिविल अस्पताल में दिखाओ। यहां ऑर्थोपेडिक विभागाध्यक्ष डॉ. जयप्रकाश मोदी व टीम ने ऑपरेशन किया। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एम.एम. प्रभाकर ने बताया कि ऐसा जटिल ऑपरेशन पहली बार हुआ है। इससे पहले भी एंकिलोजिंग स्पॉन्डिलाइट्सि का ऑपरेशन आठ वर्ष पूर्व किया गया था, लेकिन इसके जैसा जटिल नहीं था।

विशेष टेबल मंगानी पड़ी
ऑपरेशन को करने वाले डॉ. जयप्रकाश मोदी ने बताया कि मरीज देवीलाल थोड़ा बहुत चलते थे, लेकिन सामने देख नहीं पाते थे। ऑपरेशन के लिए विशेष टेबल की भी व्यवस्था करनी पड़ी थी, क्योंकि वह सीधा नहीं लेट सकते थे। शरीर के टेढ़े आकार के कारण एनेस्थेसिया देना भी समस्या थी, लेकिन कुशल चिकित्सकों की टीम ने इस चुनौती को स्वीकार किया और तीन घंटे चला ऑपरेशन आखिर सफल हो गया।

देश में निर्मित 11 स्क्रू लगाए
डॉ. मोदी ने बताया कि देवीलाल की रीढ़ की हड्डी को सीधा करने के लिए विशेष ऑपरेशन टेबल लगाई गई और उसे 11 स्कू्र लगाए थे। सभी स्कू्र विदेशी नहीं, बल्कि देशी इस्तेमाल किए गए। पहले एक मणके को निकालकर रीढ़ की हड्डी को खोल कर सीधा किया गया था। मरीज की हालत अच्छी है। अभी उसके कूल्हे का ऑपरेशन भी किया जाएगा। फिलहाल वह सामान्य व्यक्ति की तरह चलने लगा है।