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श्रीनाथजी में पांच दिवसीय दीपोत्सव 17 से, होटलों में अग्रिम बुकिंग

पुष्टिमार्गीय वल्लभ सम्प्रदाय की प्रधानपीठ प्रभु श्रीनाथजी मंदिर में दीपोत्सव के अवसर

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नाथद्वारा. पुष्टिमार्गीय वल्लभ सम्प्रदाय की प्रधानपीठ प्रभु श्रीनाथजी मंदिर में दीपोत्सव के अवसर पर आयोजित होने वाले पांच दिवसीय त्यौहारों का श्रीगणेश आगामी मंगलवार को धनतेरस के साथ प्रारंभ होगा। इसको लेकर मंदिर परिसर में तैयारियां जोरों पर चल रही है। दीपावली के बाद यम द्वितीया से यहां का सबसे बड़ा सीजन प्रारंभ होगा, जिसकी यहां के आम रोजगार से जुड़े लोगों को अच्छा रहने की संभावना है। दीपोत्सव मंगलवार को धनतेरस से प्रारंभ होगा, जिसमें बुधवार को रूप चतुर्दशी, 19 अक्टूबर को दीपावली एवं कान्ह जगाई का त्यौहार होगा। वहीं, 20 अक्टूबर को श्रीजी बावा के यहां सबसे बड़ा आयोजन गोवर्धन पूजा एवं अन्नकूट होगा। गोवर्धन पूजा के अवसर पर दीपावली के दिन श्रीनाथजी की मुख्य गोशाला से आने वाली गोमाता मंदिर के गोवर्धन पूजा चौक में सजाए जाने वाले गोबर से बने गोवर्धन को घूंदेगी। इसके बाद रात्रि को श्रीजी बावा को अन्नकूट का भोग आरोगाया जाएगा। इस प्रसाद को मेवाड़ अंचल के दूरदराज के क्षेत्रों से आने वाले सैकड़ों भील आदिवासी पूरी श्रद्धा एवं आस्था के साथ यहां लूटने पहुंचेंगे। इन दो दिनों के बाद 21 अक्टूबर को भैयादूज का त्यौहार मनाया जाएगा। इस दिन भी श्रीजी बावा को विशेष शृंगार धराया जाएगा। वहीं, इस अवसर पर बहिनें अपने भाई के भाल पर तिलक लगा उसके सर्वत्र मंगल की कामना करेगी।

इस बार दर्शनार्थियों को रहेगी परेशानी
इस सबसे बड़े सीजन को लेकर जहां व्यापारियों को पूरी आस रहती है, वहीं,स यहां आने वाले श्रद्धालुओं के लिए इस बार पार्किंग से लेकर मंदिर तक पहुंचने के लिए नजदीक में टेम्पो स्टैण्ड आदि नहीं होने से दिक्कत होगी। लेकिन, फिलहाल प्रशासन ने इसको लेकर कोई वैकल्पिक इंतजाम नहीं किए हैं।

तिलकायत परिवार का होगा पदार्पण
तिलकायत राकेश महाराज भी मुंबई से गुरुवार को पदार्पण करेंगे, जो यहां पर बिराजित होकर ठाकुरजी को लाड़ लड़ाएंगे।

चितराम की सेवा
श्रीजी मंदिर में दीपोत्सव की तैयारियों के चलते दशहरे के दूसरे दिन से यहां के चित्रकार वर्ग के सदस्यों के द्वारा मंदिर में हाथी-घोड़े, सखियों की सेवा एवं ठाकुरजी के स्वरूप गणेशजी एवं मोर सहित विभिन्न चितराम बनाए जा रहे हैं। ये चितराम मंदिर के गोवर्धन पूजा चौक, सूरजपोल परछना, कमल चौक महाप्रभुजी की बैठक, लाड़ले लालन के मंदिर के बाहर सहित कई स्थानों पर बनाए जा रहे हैं। वहीं, मंदिर की बाहरी दीवारों आदि कई जगहों पर भी रंगरोगन अंतिम चरण में चल रहा है।

सबसे बड़ा सीजन यम द्वितीया से
आराध्य प्रभु श्रीनाथजी के नगर में वर्ष भर का सबसे बड़ा सीजन दीपावली के दूसरे दिन भाईदूज से प्रारंभ होता है, जो कार्तिक पूर्णिमा तक चलता है। इस सीजन को लेकर यहां के व्यापारी फुटपाथ, चबूतरियों, ठेलागाडिय़ों आदि में व्यवसाय करने वाले, रेस्तरां व होटलों आदि के व्यवसाय से जुड़े लोगों को इंतजार रहता है। लगभग 15 दिन तक चलने वाले सीजन को लेकर कई होटलों आदि में अभी से ही एडवांस बुकिंग भी प्रारंभ हो गई है।

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