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राजसमंद के लिए खुशखबरी: खारी फीडर को लेकर आया बड़ा अपडेट, जमीन अधिग्रहण शुरू, जानें क्या है मास्टर प्लान

कई साल की प्रशासनिक अड़चनों और देरी के बाद आखिरकार खारी फीडर चौड़ाईकरण कार्य ने रफ्तार पकड़ ली है। इस परियोजना के 2028 तक पूर्ण होने का लक्ष्य है, जिससे राजसमंद झील को नई जिंदगी मिलेगी और जलभराव क्षमता में बढ़ोतरी होगी।

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Rajsamand Khari Feeder to Be Fully Revamped by 2028 Lake to Get New Lease of Life

राजसमंद में खारी फीडर का काम शुरू, जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज (फोटो- पत्रिका)

Rajsamand Lake Khari Feeder: राजसमंद झील की जीवनदायिनी मानी जाने वाली खारी फीडर परियोजना आखिरकार लंबे इंतजार और कई प्रशासनिक उतार-चढ़ाव के बाद अब धरातल पर आगे बढ़ रही है। कई साल की जद्दोजहद, प्रस्तावों की वापसी, टेंडर विवाद और बजट की उठापटक से गुजरने के बाद इस महत्त्वपूर्ण परियोजना का कार्य जारी है।

विभागीय योजना के अनुसार, इसका निर्माण कार्य वर्ष 2028 तक पूरा किया जाएगा। फीडर का लगभग 90 प्रतिशत हिस्सा सरकारी भूमि पर स्थित है, जबकि करीब 10 प्रतिशत भाग अतिक्रमण की जद में है, जिन्हें हटाया जाएगा। कुछ स्थानों पर अतिरिक्त भूमि की आवश्यकता भी सामने आई है, जिसके लिए प्रस्तावों के साथ-साथ भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई जारी है।

राज्य सरकार ने प्रारंभिक बजट में खारी फीडर चौड़ीकरण के लिए 150 करोड़ रुपए स्वीकृत किए थे। लेकिन बाद में आधी राशि देने की बात कहते हुए शेष धनराशि जिले के डीएमएफटी फंड से उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया। फिजिकल वैरिफिकेशन के बाद अब इस पूरी परियोजना की लागत 121 करोड़ रुपए आंकी गई है।

इस संबंध में सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता पवन ढूकिया ने बताया कि खारी फीडर के चौड़ाईकरण का कार्य जारी है। बड़े काम भी पाइप लाइन में हैं, जिन्हे सिंचाई का काम पूरा होने के बाद किया जाएगा।

शिलान्यास हुआ, लेकिन वर्क ऑर्डर नहीं

6 अक्टूबर 2023 को तत्कालीन विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी ने 200 करोड़ रुपए के विभिन्न प्रोजेक्ट्स का लोकार्पण-शिलान्यास किया, जिनमें खारी फीडर चौड़ीकरण भी शामिल था। हालांकि, उस समय तक संवेदक को कार्यादेश जारी नहीं किया गया था।

जमीन अधिग्रहण प्रक्रिया भी जारी

फीडर चौड़ाईकरण के लिए किनारों की भूमि अधिग्रहित की जाएगी। इसी उद्देश्य से सर्वे कार्य शुरू कर दिया गया है। सर्वे पूरा होने और प्रभावित किसानों व भूमि मालिकों को मुआवजा मिलने के बाद परियोजना वास्तविक गति पकड़ लेगी।

सिंचाई कार्य के बाद होंगे बड़े तकनीकी काम

खारी फीडर चौड़ीकरण के अंतर्गत कई महत्त्वपूर्ण निर्माण कार्य शामिल हैं। इनमें सबसे प्रमुख लाइनिंग कार्य है, जिसे सिंचाई प्रक्रिया पूरी होने के बाद शुरू किया जाएगा। इसके लिए विभागीय स्तर पर तैयारियां जारी हैं।

घटनाक्रमः रुकावटों के बीच आगे बढ़ती परियोजना

  • कांग्रेस सरकार ने बजट में 80 करोड़ रुपए से खारी फीडर चौड़ीकरण की घोषणा की।
  • डीपीआर तैयार कर सितंबर 2023 में प्रथम चरण के लिए 79.94 करोड़ के टेंडर आमंत्रित किए गए।
  • 27 सितंबर 2023 को टेंडर खुला, जिसमें केवल एक फर्म ने भाग लिया और बीएसआर दर से 40% अधिक, लगभग 92 करोड़ का प्रस्ताव दिया।
  • सहमति नहीं बनने पर टेंडर रद्द कर नए टेंडर जारी किए गए।

फिलहाल यहां चल रहा निर्माण कार्य

वर्तमान में 9 से 17 किलोमीटर क्षेत्र में काम जारी है। ऊपरी हिस्से का निर्माण सिंचाई कार्य समाप्त होने के बाद किया जाएगा। परियोजना के तहत निम्न प्रमुख कार्य प्रस्तावित हैं।

  • 01 लाइनिंग कार्य
  • 08 एक्वाडक निर्माण
  • 01 साइफन
  • 49 पुलिया क्रॉस निर्माण

एक्वाडक निर्माण रहेगा सबसे बड़ा चरण

खारी फीडर चौड़ीकरण में एक्वाडक निर्माण सबसे अहम और चुनौतीपूर्ण कार्य माना जा रहा है। इसके तहत…

  • एक एक्वाडक की लंबाई 260 मीटर
  • दूसरा एक्वाडक 60 मीटर लंबा बनाया जाएगा
  • दोनों संरचनाएं परियोजना की जल वहन क्षमता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी और इन्हें जल्द पूरा करने की योजना है।

ये है वर्तमान स्थिति

  • 400 क्यूसेकः वर्तमान जल आवक क्षमता
  • 32.40 किमीः फीडर की कुल लंबाई
  • 4.60 मीटरः वर्तमान चौड़ाई

चौड़ाईकरण के बाद होगा बड़ा बदलाव

  • 400 से 800 क्यूसेकः संभावित जल आवक क्षमता
  • 4.60 मीटर से 8.50 मीटरः प्रस्तावित नई चौड़ाई
  • 121 करोड़ रुपएः कुल परियोजना लागत

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