
उन्नत तकनीकी से ही फलों की अच्छी पैदावार मिल रही है।
खेत को बनाया समतल
किसान ने खेत की टाटली या ऊसर भूमि में अच्छी मिट्टी का भराव करते हुए उसे समतल बनाया। कभी यहां गडï्ढ़ों की भरमार थी। उन्होंने तालाब की काली व पीली मिट्टी तथा देसी खाद का मिश्रण करके खेत की ऊपरी सतह पर बिछाया। लगातार जुताई व समतलीकरण करके खेत की कड़क व कठोर भूमि में अन्य मिट्टी का मिश्रण करके नरम व नमी युक्त बनाया।
क्षेत्र के किसानों के लिए बना आकर्षण का केंद्र
बगतपुरा स्थित सुरेश के खेतों में अमरूद, नीबू सहित अन्य पौधों को देखने के लिए राजसमंद व भीलवाड़ा के किसान काफी संख्या में पहुंच रहे हैं।
दो साल की देखभाल, अब मिल रहा है मुनाफा
किसान ने बताया कि 4 वर्ष पूर्व उन्होंने अमरूद के 250 व नीबू के 55 पौधे सहित पपीता व चीकू के पौधे लगाए। डेढ़ बीघा में उन्नत किस्म के बेर के पौधे लगाए थे। पौधरोपण में दो लाख रुपए की लागत आई। विगत 2 वर्षों से अमरूद की बंपर पैदावार प्राप्त हो रही है। इससे ही ढाई से तीन लाख रुपए की आमदनी हो रही है।
उन्नत तकनीक व कड़ी मेहनत से अच्छी पैदावार
किसान ने बताया कि देसी खाद व सतत देखभाल के कारण अमरूद की बंपर पैदावार हुई है । अमरूद की किस्म भी उन्नत है। मीठे रसीले अमरूद की राजसमंद व भीलवाड़ा मंडी में जबरदस्त मांग बनी हुई है। उन्होंने बताया कि उन्नत तकनीकी से ही उसे फ लों की अच्छी पैदावार मिली है। बूंद-बूंद सिंचाई से कम पानी की जरूरत होती है।
योगेश श्रीमाली — राजसमंद
Published on:
10 Jan 2023 01:09 pm
बड़ी खबरें
View Allराजसमंद
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
