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कुंभलगढ़ अभ्यारण्य में तैयार करेंगे ग्रासलैंड, पैंथर को शिकार के लिए मिलेंगे वन्यजीव

- राज्य सरकार ने बजट में पैंथर संरक्षण की गई है घोषणा, वन विभाग ने प्रस्ताव बनाकर भेजा, बाउण्डी वॉल और पेट्रोलिंग पार्थ का निर्माण के प्रस्ताव, जिले में 1000 से अधिक पैंथर

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कुंभलगढ़ अभ्यारण्य में तैयार करेंगे ग्रासलैंड, पैंथर को शिकार के लिए मिलेंगे वन्यजीव

राजसमंद. कुभलगढ़ अभ्यारण्य में विचरण करता पैंथर ।

राजसमंद. भोजन की तलाश में गांव-ढ़ाणी तक पहुंचने वाले पैंथर को कुंभलगढ़ अभ्यारण्य में भोजन उपलब्ध कराने की कवायद की जा रही है। वन विभाग ने ग्रासलैंड तैयार करने का प्रस्ताव बनाकर मुख्यालय भेजा है। राज्य सरकार ने बजट में कुंभलगढ़ में लेपर्ड कर्जेंवेशन बनाने की घोषणा की है।
राज्य सरकार की ओर से गत दिनों बजट में कुंभलगढ़ अभ्यारण्य में लेपर्ड कंजर्वेशन बनाए जाने की घोषणा की है। इसके तहत वन विभाग की ओर से कराए जाने वाले कार्यो के प्रस्ताव बनाकर मुख्यालय को भेजे गए हैं। इसमें मुख्य रूप से ग्रासलैंड तैयार करने, पेट्रोलिंग पार्थ तैयार करवाने, चारदीवारी का निर्माण और वन्यजीवों के लिए पानी की व्यवस्था आदि करना मुख्य कार्य है। इसके प्रस्ताव बनाकर मुख्यालय भेजे गए हैं। वहां से स्वीकृति मिलने पर ही यह कार्य करवाए जाएंगे। उल्लेखनीय है कि उक्त कार्यो से कुंभलगढ़ टाइगर रिजर्व बनाए जाने में मदद मिलेगी। वन विभाग की ओर से वन्यजीवों की संख्या बढ़ाने के लिए पहले से ही कई कार्य किए जा रहे हैं।
यह होगा फायदा
- गांव-ढाणी में पैंथरों के हमले कुछ हद तक कम होंगे
- पैंथरों को भोजन-पानी की तलाश में भटकना नहीं पड़ेगा
- दीवार बनने पर बाहरी मवेशियों के प्रवेश पर रोक लगेगी
- पेट्रोलिंग पार्थ से निगरानी बढ़ेगी और शिकार पर भी रोक लगेगी

कुंभलगढ़ और टॉडगढ़ के लिए अलग प्रस्ताव
वन विभाग की ओर से कुंभलगढ़ और टॉडगढ़ अभ्यारण्य में 480-480 हेक्टेयर में ग्रासलैंड तैयार करवाए जाने का प्रस्ताव बनाकर मुख्यालय भेजा गया है। ग्रासलैंड तैयार होने से चीतल, हिरण, नील गाय, चौसिंगा, ***** सहित वन्यजीवों की संख्या में इजाफा होगा। इससे पैंथर शिकार के लिए गांव-ढ़ाणी की ओर रुख नहीं करेंगे। यह आगे चलकर कुंभलगढ़ टाइगर रिजर्व के लिए कारगर सिद्ध होगा।
सरकारी आंकड़ों में 400 जबकि 1000 से अधिक पैंथर
वन विभाग की ओर से पिछले साल करवाई गई वन्यजीव गणना के अनुसार कुंभलगढ़ में 174, टॉडगढ़ में 87 और आस-पास के क्षेत्रों में 145 पैंथर दिखाई दिए। जबकि वन विभाग के जानकारों के अनुसार जिले में 1000 से 1500 के बीच पैंथर बताए जाते हैं। गांव-ढ़ाणी में आए दिन पैंथर दिखाई देना और पालतू पशुओं के शिकार की शिकायत मिलना आम बात है।
लेपर्ड कंजर्वेशन के तहत भेजे प्रस्ताव
कुंभलगढ़ अभ्यारण्य में लेपर्ड कंजर्वेशन के तहत करवाए जाने वाले कार्यो के प्रस्ताव बनाकर मुख्यालय भेजे गए हैं। इसके साथ ही कुंभलगढ़ और टॉडगढ़ अभ्यारण्य में ग्रासलैंड तैयार करवाने के प्रस्ताव भी भेजे हैं। इससे वन्यजीवों की संख्या में इजाफा होगा।
- ए. के. गुप्ता, उपवन संरक्षक, वन विभाग राजसमंद