
रिछेड़. कस्बे के राजकीय प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र परिसर में लाखों रुपए की सम्पति रखरखाव के अभाव में धीरे-धीरे खत्म होती जा रही है, वहीं जर्जर हो रहे इन क्वार्टरों के कारण चिकित्सकों को किराए से मकान लेकर रहना पड़ रहा है। जबकि, चिकित्सकों के किराए से मकान लेकर रहने के कारण रोगियों को भी अस्पताल समय के बाद उनकी तलाश में भटकना पड़ता है। कस्बे के प्राथमिक स्वाथ्य केन्द्र में चिकित्सकों के निवास को लेकर 8 क्वार्टर बने हुए हैं, लकिन वर्तमान में इनमें से एक भी रहने लायक नहीं है। जबकि पूर्व मे स्वास्थ्य केन्द्र का पूरा स्टाफ इसी परिसर में बने क्वार्टरों में ही रहता था। करीब 12 वर्ष पूर्व इन क्वार्टरों की छत से पानी गिरने लगा था, जिसके बाद से एक-एक कर सभी क्वार्टर चिकित्सकों व अन्य स्टाफ ने खाली कर दिए। उसके बाद से सभी अपने स्तर पर कस्बे में ही किराए से मकान लेकर रहने लगे। ऐसे में एक तो चिकित्सकों व स्टाफ को मकान किराए लेने को लेकर चक्कर काटने पड़ते हैं। वहीं, कस्बे व बाहर से उपचार के लिए आने वाले मरीजों को उस समय काफी दिक्कत होती है, जब अस्पताल बंद होता है। ऐसे में उन्हें चिकित्सक का मकान ढूंढने में परेशानी होती है, वहीं पूर्व में जब स्टाफ क्वार्टरों में ही रहता था तो अस्पताल बंद होने के बावजूद मरीजों को परिसर में ही डॉक्टर के मिल जाने से भटकना नहीं पड़ता था। खासतौर पर अस्पताल के समय के बाद अति आवश्यक (इमरजेंसी) होने पर मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं तो उन्हें चिकित्सक को ढूंढऩे में खासी दिक्कत होती है। बताया गया कि चिकित्सक और स्टाफ पिछले करीब दस साल से कई बार इन क्वार्टरों की मरम्मत की मांग चिकित्सा विभाग, प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से कर चुका है, लेकिन हर बार आश्वासन तो मिलता है पर कार्रवाई नहीं होती। जबकि, यहां स्वास्थ्य केन्द्र का भवन भी हाल ही में नया बना है, जिसके साथ क्वार्टरों की भी मरम्मत करवाई जा सकती थी।
रखरखाव जरूरी
&अस्पताल परिसर काफी बड़ा है और यहां क्वार्टर सहित सभी सुविधाएं हैं, जिसके बाद भी रोगियों व डॉक्टरों को भटकना पड़ता है। ऐसे में क्वार्टरों के रखरखाव कार्य जल्द से जल्द करवाना चाहिए।
कमला देवी कोठारी, गृहिणी
देखरेख हो तो बंद हो भटकाव
&यह स्वास्थ्य केन्द्र पांच पंचायतों के बीच सहज सुलभ स्थान पर है, लेकिन देखरेख के अभाव में रोगियों को भटकना पड़ता है।
जयेश जैन, रिछेड़
रह सकता है पूरा स्टाफ
&इस स्वास्थ्य केन्द्र के क्वार्टर की मरम्मत कर दी जाए तो पूरा स्टाफ यहां रह सकता है, जिससे मरीजों को समय पर इलाज मिल सकेगा।
प्रकाश कोठारी, रिछेड़
क्वार्टरों की मरम्मत जरूरी
&रिछेड़ स्वास्थ्य केन्द्र को आदर्श बनाया जा रहा है, जिससे 24 घंटे इमरजेन्सी सेवाएं उपलब्ध रहेगी। इसके लिए क्वार्टर की मरम्मत अतिआवष्यक है। डॉ. प्रवीण कुमार यादव, रिछेड़
Published on:
20 Feb 2018 02:19 pm
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