
VIDEO : बारुद से भी घातक पेट्रोल, फिर भी दुकानों पर धड़ल्ले से बिक रहा
लक्ष्मणसिंह राठौड़ @ राजसमंद
शहर-देहात में किराणा व परचुनी की दुकानों पर दाल- चावल की तरह बारुद से भी घातक पेट्रोल की खुलेआम बिक्री हो रही है। पेट्रोलियम पदार्थों बिक्री अधिनियम के तहत पम्प से भी केवल वाहनों में पेट्रोल भरा जा सकता है, जबकि पुलिस, प्रशासन व रसद विभाग की बेपरवाही के चलते थोड़े से मुनाफे के चलते दुकानों पर अवैध पेट्रोल बेच रहे हैं।
राजसमंद शहर में बाघपुरा, मुखर्जी चौराहा, सनवाड़ से लेकर ग्रामीण क्षेत्र एमड़ी, सनवाड़, मुंडोल, पुठोल, सायों का खेड़ा, बडग़ांव, केलवाड़ा के साथ ही नाथद्वारा, आमेट, रेलमगरा, देवगढ़ व भीम क्षेत्र के गांव-ढाणियों में किराणा, परचुनी दुकानों से लेकर टायर पंचर व दुपहिया वाहन मरम्मत के इंजीनियरिंग वर्कशॉप पर पेट्रोल बिक रहा है। खुले में पेट्रोल बिक्री पर प्रतिबंध के बावजूद प्रशासन के अधिकारी आंखें मंूदे बैठे है। पम्प के मुकाबले दुकानों पर दस से पन्द्रह रुपए तक अधिक वसूल रहे है। इस तरह दुकान न सिर्फ सरकार को राजस्व की चपत लगा रहे हैं, बल्कि बड़े हादसे को भी दावत दे रहे हैं। बिना सुरक्षा इंतजाम के चल रही पेट्रोल की दुकानें आवासीय क्षेत्र में किसी बारुद से कम नहीं है, जहां आगजनी की कोई घटना हो जाए, तो उसे नियंत्रित करना मुश्किल है।
दरों में अंतर और मिलावट भी
प्रदेश में पेट्रोल की दर 72 से 73 रुपए के आस पास है, जबकि किराणा, परचुनी व बाइक सर्विस सेंट पर 85 से 90 रुपए प्रति लीटर में बेचा जा रहा है। यही नहीं, कुछ लोग इसमें केरोसिन व सॉल्वेंट भी मिला रहे हैं। इस कारण न सिर्फ वाहन के इंजिन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है, बल्कि आर्थिक व मानसिक परेशानी भी है।
पानी की तरह पेट्रोल की बोतलें
एक्सप्लोसिव और पेट्रोलियम एक्ट के तहत पम्प पर वाहन की टंकी के अलावा अन्य पात्र में पेट्रोल भरना अपराध है। इसके बाजवूद कतिपय पम्प संचालक चोरी छिपे केन, ड्रम में पेट्रोल भरकर कतिपय दुकानदारों को कालाबाजारी के लिए दिया जा रहा है। फिर दुकानों पर पानी की तरह एक-एक लीटर की पेट्रोल की बोतलें बेची जा रही है, लेकिन पुलिस, प्रशासन खामोश है। इससे अफसरों की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं।
कार्रवाई के लिए ये अधिकृत
रसद विभाग के जिला रसद अधिकारी, प्रवर्तन अधिकारी, उपखंड अधिकारी, तहसीलदार, पुलिस उप अधीक्षक कार्रवाई के लिए अधिकृत है। इनका दायित्व है कि ये नियमित क्षेत्र में विजिट व मॉनिटरिंग करें, ताकि क्षेत्र में कहीं भी अवैध तरीके से पेट्रोल की बिक्री न हो। फिर भी सब अधिकारी जानकर भी अनजान बने हुए हैं।
इसलिए पम्प संचालक निरंकुश
राजस्थान पेट्रोलियम प्रोडक्ट एक्ट 1990 के तहत पम्प संचालकों पर रसद विभाग की प्रत्यक्ष मॉनिटरिंग थी। अब पेट्रोल की गुणवत्ता, पम्प पर नियमों के विरुद्ध बिक्री की निगरानी के अधिकार राज्य सरकार ने रसद विभाग से छीन लिए। अब संबंधित पेट्रोलियम कंपनी के सेल्स ऑफिसर को ही अधिकृत कर दिया, जिसका मुख्य कार्य ही अधिकाधिक पेट्रोल बेचना। सेल्स ऑफिसर का लक्ष्य रहता है कि किसी भी परिस्थिति में अधिकाधिक पेट्रोल बिकना ही चाहिए, चाहे वह कैसे भी बेचे। इस कारण पम्प संचालक निरकुंश हो गए, जो खुलेआम कतिपय लोगों को केन, ड्रम व बोतलों में पेट्रोल भरकर दे रहे हैं।
अभियान चला करेंगे कार्रवाई
दुकानों पर पेट्रोल नहीें बेच सकता। पम्प पर भी वाहन की टंकी के अलावा अन्य ड्रम या केन में भरना भी नियम विरुद्ध है। अभियान चलाकर विशेष कार्रवाई की जाएगी। अवैध पेट्रोल बेचने वालों के विरुद्ध रसद विभाग के साथ एसडीएम, तहसीलदार व पुलिस उप अधीक्षक भी कर सकते हैं।
संदीप माथुर, जिला रसद अधिकारी राजसमंद
अवैध बिक्री पर करेंगे कार्रवाई
पम्प के अलावा किसी भी दुकान पर पेट्रोल- डीजल की बिक्री अवैध है। अगर इस तरह बेचा जा रहा है, तो उनके विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।
राजेश गुप्ता, अतिरिक्त जिला पुलिस अधीक्षक राजसमंद
Updated on:
27 May 2019 02:51 pm
Published on:
27 May 2019 02:48 pm
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