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NEGLIGENCE : हल्दीघाटी से नाथद्वारा तक के 17 किलोमीटर के सफर में कदम कदम पर खड्ढे, हादसे की आशंका

सार्वजनिक निर्माण विभाग उदासीन, प्रशासन बेपरवाह

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खमनोर. नाथद्वारा से हल्दीघाटी वाया टाटोल, खमनोर मुख्य मार्ग की सडक़ पिछले लम्बे समय से खस्ताहाल होने से यहां सडक़ में गड्ढे कम, बल्कि गड्ढों में ही सडक़ दिखाई देती है। हालत यह है कि सडक़ पर गड्ढों से बचाव के लिए अधिकतर वाहन चालक गलत दिशा में भी चलने को मजबूर होते हैं।


श्रीनाथजी की नगरी को एतिहासिक हल्दीघाटी से जोडऩे वाला महत्वपूर्ण और मुख्य मार्ग होने के बाद भी इस मार्ग की सडक़ की ओर विभाग से लेकर प्रशासन तक किसी के भी द्वारा ध्यान नहीं दिया जा रहा है। इसके चलते यह सडक़ लगातार जर्जर होती चली जा रही है। लम्बे समय से सडक़ का पुनर्निर्माण तो दूर मरम्मत तक नहीं करवाई गई, जिससे वर्तमान में इस मार्ग पर सडक़ तो कम, लेकिन गड्ढे ज्यादा दिखाई देते हैं। कई स्थानों पर तो डामर पूरी तरह से उखड़ जाने से कच्चे मार्ग का अहसास होता है। ऐसे में इस मार्ग पर आए दिन छोटी-मोटी दुर्घटनाएं होती रहती है। वहीं, सडक़ के क्षतिग्रस्त होने से खासतौर पर दुपहिया वाहन चालक क्षतिग्रस्त हिस्से से बचते हुए चलते हैं, जिसमें वे ज्यादातर समय गलत दिशा में ही चलते रहते हैं। इसके कारण भी हमेशा दुर्घटना का अंदेशा बना रहता है। वैसे भी यहां पर अब तक हुई छोटी-मोटी दुर्घटनाओं में अधिकांश दुपहिया वाहन चालक ही चोटिल हुए हैं। मात्र 17 किलोमीटर लम्बे इस मार्ग पर उपली ओडन से लेकर हल्दीघाटी तक की सडक़ सबसे ज्यादा खराब हो चुकी है। धार्मिक स्थल और एतिहासिक एवं पर्यटन स्थल को जोडऩे वाली सडक़ होने के कारण इस मार्ग पर बड़ी संख्या में पर्यटकों को लाने वाले वीडियोकोच भी गुजरते हैं। इसके साथ ही अन्य वाहनों से भी इसी मार्ग से पर्यटक नाथद्वारा से हल्दीघाटी तक आवागमन करते हैं। क्षेत्र के लोगों ने बताया कि इस संबंध में कई बार जिला प्रशासन सहित विभाग के आला अधिकारियों को अवगत करवाया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई, जिससे सबसे ज्यादा दिक्कत इस क्षेत्र के लोगों को हो रही है, जिन्हें अपने काम-काज के चलते रोजाना मार्ग से गुजरना पड़ता है।


टोल ने भी बढ़ाए वाहन
गोमती से उदयपुर फोरलेन पर देलावाड़ा में टोल नाके पर टोल से बचने के चक्कर में भी बड़ी संख्या में इस मार्ग भारी वाहनों का आवागमन शुरू हो चुका है। राजसमंद से उदयपुर और उदयपुर से राजसमंद की ओर जाने वाले वाहन टोल से बचने के लिए इस संकरे व घुमावदार मार्ग का उपयोग करते हैं। ऐसे में यह मार्ग अब 24 घण्टे व्यस्त रहता है। ऐसे में मार्ग के पूरी तरह से क्षतिग्रस्त होने से इस पर दुर्घटना की आशंका और भी बढ़ गई है। वहीं, भारी वाहनों की आवाजाही से रही-सही सडक़ भी और क्षतिग्रस्त होती जा रही है।


जल्द शुरू होगा गोमती से आमेट सडक़ का काम
रिछेड. गोमती चौराहा से आमेट मार्ग पर 40 वर्ष पूर्व बनी सडक़ के काफी खस्ताहाल होने से आवागमन में काफी दिक्कत हो रही थी। इसको लेकर गोमती, लाम्बोड़ी, अमरतिया एवं जनावद के ग्रामीणों ने विधायक सुरेन्द्रसिंह राठौड़ से शिकायत की। बताया कि गोमती-आमेट मार्ग पर दो वाहनों का निकलना भी मुश्किल हो गया है। ग्रामीणों ने सडक़ की चौड़ाई बढ़ाने व पुनर्निर्माण की मांग की। इस पर विधायक राठौड़ ने बताया कि इस सडक़ की चौड़ाई बढ़ाने सहित पुनर्निर्माण को लेकर स्वीकृति मिल चुकी है तथा बजट भी पास हो चुका है। इसके चलते इस रोड का काम जल्द शुरू हो जाएगा।