
खाद्य सुरक्षा सूची में जनप्रतिनिधि, सरकारी कार्मिक और पेंशनर
लक्ष्मणसिंह राठौड़ @ राजसमंद
सरकार से वेतन, भत्ते, पेंशन और कमीशन उठाने वाले नेता (जनप्रतिनिधि), राशन डीलर, सरकारी कार्मिक और पेंशनर भी खाद्य सुरक्षा सूची (Food Security List) में शामिल हो गए हैं। 1 रुपए प्रति किलो वाला गेहूं उठाने वाले ये करदाता कागजों में हेराफेरी कर खुद गरीब बन गए। राशन कार्ड के रिकॉर्ड के मुताबिक इनके घर गैस कनेक्शन तक नहीं है, जबकि आलीशान बंगलों के साथ लग्जरी कारों में ही चलते हैं।
राजस्थान पत्रिका ने खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग की खाद्य सुरक्षा सूची का भौतिक सत्यापन किया, तो चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। भावा पूर्व सरपंच शंकरी बाई, उनके पति पूर्व पंचायत समिति सदस्य व भाजपा नेता जवाहरलाल जाट मई 2016 से बीस-बीस किलो गेहूं उठा रहे हैं। जाट के राशन कार्ड नंबर 009706900109 है। इसी तरह भावा के उचित मूल्य दुकानदार रामलाल गुर्जर का भी पहले खाद्य सुरक्षा सूची में नाम था, जिससे अगस्त 16 व फरवरी 17 में केरोसिन उठाया। उसके बाद खाद्य सुरक्षा सूची से नाम हट गया। इसी तरह भाटोली पूर्व सरपंच व भाजपा नेता मेंगटिया कला निवासी माधवलाल गाडरी पुत्र रोडीलाल गाडरी का नाम भी खाद्य सुरक्षा सूची में दर्ज है, जबकि गाडरी सडक़- भवनों के सरकारी संवेदक होने के बाद भी राशन कार्ड 009712500007 के तहत फरवरी 18 से लगातार 25-25 किलो गेहूं व केरोसिन प्रतिमाह उठा रहे हैं।
शिक्षक और सेवानिवृत शिक्षक भी गरीब
द्वितीय श्रेणी शिक्षक से सेवानिवृत सालवी बस्ती, प्रतापपुुरा (भावा) निवासी नारूलाल पुत्र उदा सालवी भी खाद्य सुरक्षा सूची में नाम जुड़वाने के लिए गरीब बन गए। इसी तरह सेवानिवृत शिक्षक प्रतापपुरा निवासी प्यारचंद पुत्र पेमा सालवी भी शिक्षक से सेवानिवृत होकर सरकार से पेंशन उठा रहे हैं। फिर भी खाद्य सुरक्षा सूची में नाम जुड़वाकर गरीबों के हक का 1 रुपए प्रति किलो का गेहूं खा रहे हैं। सेवानिवृत प्रधानाचार्य साकरोदा निवासी सुरेश चंद्र खटीक का नाम भी खाद्य सुरक्षा सूची में नाम है, जो राशन कार्ड 009709400056 से प्रतिमाह दस- दस किलो गेहूं व केरोसिन ले रहे हैं। इसी तरह सुरेशचंद्र खटीक के पुत्र हरीश खटीक का अलग राशन कार्ड है, जो दूधपुरा में सरकारी शिक्षक के पद पर कार्यरत होने के बाद भी खाद्य सुरक्षा सूची में नाम जुड़वा दिया और राशन कार्ड 009709400035 से प्रतिमाह पन्द्रह किलो गेहूं व केरोसिन जून 2016 से लगातार उठा रहे हैं।
अधिकांश डीलर खाद्य सुरक्षा सूची में
जिले में ज्यादातर राशन डीलरों का नाम खाद्य सुरक्षा सूची में शामिल है, जिनका प्रतिमाह कमीशन बीस से तीस हजार रुपए तक उठा रहे हैं। इसके बावजूद खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग जानकर भी अनजान बना हुआ है।
गंभीर मामला है, करेंगे कार्रवाई
शिक्षक, सेवानिवृत कार्मिक व जनप्रतिनिधियों के नाम खाद्य सुरक्षा सूची में शामिल होना गंभीर है। तत्काल नाम हटाते हुए उनके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। साथ ही जितना भी राशन व केरोसिन उठाया, उसकी भी वसूली की कार्रवाई की जाएगी।
संदीप माथुर, जिला रसद अधिकारी राजसमंद
Published on:
22 Aug 2019 11:59 am
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