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अब यहां गलत काम करने पर सुनाई चार लोगों को पांच साल के कठोर कारावास की सजा

- एससी/एसटी कोर्ट ने सुनाई सजा और 21 हजार के जुर्माने से किया दंडित

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Court order: मृतक बड़े भाई की पत्नी से शादी, पिता के साथ मिल की हत्या, मिली आजीवन कारावास की सजा

Rouse Avenue Court judge

राजसमंद. जातिगत शब्दों से अपमानित करने व मारपीट करने के चार आरोपियों को एससी/एसटी कोर्ट के विशिष्ट न्यायाधीश पवन कुमार जीनवाल ने 5 वर्ष के कठोर कारावास तथा 21000 जुर्माने की सजा से दंडित किया है।
परिवादी चतरा राम ने 21 मार्च 2019 को चारभुजा थानाप्रभारी के समक्ष उपस्थित होकर एक लिखित रिपोर्ट पेश की। इसमें बताया कि 20 मार्च 2019 की रात्रि को करीब 10.30 बजे परिवादी व उसका भाई दूदाराम अपने परिवार के साथ खाना खा रहे थे, उसी समय अभियुक्तगण सुरेंद्र सिंह व रणजीत सिंह और दो सहयोगी शराब पीकर उसके घर में घुसे और जातिगत गालियां देने लगे और धमकी भी दी।
इस पर परिवादी के भाई दूदाराम ने गाली-गलौच करने से रोका तो सुरेंद्र सिंह और रणजीत सिंह ने उसके भाई से मारपीट शुरू कर दी और जातिगत गालियां देने लगे। इस रिपोर्ट पर पुलिस थाना चारभुजा ने प्रकरण पंजीबद्ध कर एससी/एसटी न्यायालय राजसमंद में अभियुक्त गण के विरुद्ध आरोप पत्र पेश किया।

न्यायालय में विशिष्ट लोक अभियोजक अरविंद लक्षकार ने 15 गवाह तथा 14 दस्तावेज पेश किए। पुलिस ने आरोप पत्र के साथ आरोपियों का पूर्व सजायाबी रिकॉर्ड पेश किया गया, इसमें अभियुक्त मनोहर सिंह के विरुद्ध 3 आपराधिक प्रकरण, अभियुक्त सुरेंद्र सिंह के विरुद्ध 01 तथा अभियुक्त अर्जुन सिंह उर्फ पप्पू सिंह के विरुद्ध एक आपराधिक प्रकरण दर्ज होना पाया गया।
न्यायालय में दोनों पक्षों की बहस सुनने के पश्चात अभियुक्त सुरेन्द्र सिंह पिता प्रताप सिंह निवासी लंबोडी का ओडा, रणजीत सिंह पिता मंगल सिंह निवासी लांबोडी का ओडा, जब्बर सिंह पिता मनोहर सिंह निवासी लांबोडी का ओडा पुलिस थाना चारभुजा को एससी एसटी एक्ट में दोषसिद्ध घोषित करते हुए 5-5 वर्ष के कठोर कारावास तथा 21000 जुर्माने की सजा से दंडित किया गया। साथ ही अभियुक्त मनोहर सिंह पिता सरदार सिंह निवासी लांबोडी का ओडा को 5 वर्ष के साधारण कारावास और 10,000 रुपए जुर्माने से दंडित किया गया।