
कुंभलगढ़ वन क्षेत्र भूमि
राज्य सरकार की ओर से 20 नवम्बर 2011 को कुंभलगढ़ राष्ट्रीय उद्यान (नेशनल पार्क) घोषित किया था। इसकी सीमा राजसमंद, उदयपुर और पाली जिले में लगती है। ऐसे में इसके अन्तर्गत आने वाली ग्रामीणों की रहवासी, कृषि एवं अन्य जमीनों को अवाप्त कर डीएलसी दर पर मुआवजा दिया जाना है। राजसमंद जिला कलक्टर ने कुंभलगढ़ उपखण्ड अधिकारी को भूमि अवाप्ति अधिकारी बनाया था। उन्होंने पिछले माह भूमि अवाप्ति के लिए अधिसूचना जारी कर आपत्तियां मांगी है। इसमें मिलने वाली आपतियों का निस्तारण कर भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई को अंजाम दिया जाएगा। वहीं पाली और उदयपुर जिले में आने वाली जमीन के लिए अभी तक कोई कार्रवाई शुरू तक नहीं हुई है। इसके लिए वन विभाग की ओर से उदयपुर और पाली जिला कलक्टर को पत्र लिखा गया है, इसके बवजूद अभी तक कोई प्रगति नहीं हुई है। उल्लेखनीय है कि सरकार ने 510.27 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र को कुंभलगढ़ राष्ट्रीय उद्यान के लिए घोषित किया था। इसमें संशोधन कर 462.05 वर्ग किमी कर अंतिम अधिसूचना भी जारी की जा चुकी है।
सरकार ने पहले ही जारी किए 6 करोड़
सरकार की ओर से राष्ट्रीय उद्यान के लिए भूमि अवाप्ति आदि प्रक्रिया के लिए पहले ही 6 करोड़ जारी कर चुकी है। वन विभाग के अनुसार इसमें 19.36 वर्गकिमी पाली एवं ८७ वर्गकिमी उदयपुर जिले में जमीन आ रही है। शेष जमीन राजसमंद जिले की है। इसके अन्तर्गत आने वाले गांवों की रहवासी और कृषि आदि की भूमि को अवाप्त किया जाना है। इसके बदले डीएलसी दर पर मुआवजा दिया जाएगा। उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय उद्यान के बनने से कुंभलगढ़ टाइगर रिर्जव के लिए फायदेमंद साबित होगा। वर्तमान में ग्रासलैंड और वन्यजीवों की संख्या बढ़ाने के लिए काम किया जा रहा है।
आपत्तियां मांगी, उदयपुर और पाली को फिर लिखेंगे पत्र
कुंभलगढ़ राष्ट्रीय उद्यान के अन्तर्गत आने वाले ग्रामीणों की जमीन अधिग्रहित की जानी है। कुंभलगढ़ के उपखण्ड अधिकारी को भूमि अवाप्ति अधिकारी बनाया गया था। उन्होंने पिछले माह सूचना जारी कर आपत्तियां मांगी है। आपत्तियां आने पर उनका निस्तारण कर अधिग्रहण की कार्रवाई की जाएगी। वहीं उदयपुर और पाली के लिए फिर से पत्र लिखा जाएगा।
- डॉ. आलोक गुप्ता, उपवन संरक्षक, वन विभाग राजसमंद
Published on:
15 Jan 2024 11:29 am
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