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प्रधान ने कहा 15 दिन का समय दो, प्राथमिक से माध्यमिक किया जाएगा विद्यालय को, ग्रामीणों ने 15 दिन तक बच्चों को स्कूल भेजने का निर्णय लिया

सामूहिक रूप से बच्चों को विद्यालय नहीं भेजे जाने पर विकास अधिकारी और प्रधान ने ग्रामीणों से वार्ता की

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प्रधान ने कहा 15 दिन का समय दो, प्राथमिक से माध्यमिक किया जाएगा विद्यालय को, ग्रामीणों ने 15 दिन तक बच्चों को स्कूल भेजने का निर्णय लिया

खमनोर. क्षेत्र की शिशोदा ग्राम पंचायत के सतलेवा में संचालित राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय को माध्यमिक में क्रमोन्नत करने की मांग को लेकर ग्रामीणों के द्वारा सामूहिक रूप से बच्चों को विद्यालय नहीं भेजे जाने पर विकास अधिकारी और प्रधान ने ग्रामीणों से वार्ता की। इसके बाद ग्रामीणों ने उन्हें 15 दिन का समय देते हुए फिलहाल आंदोलन वापस ले लिया। ग्रामीणों के सामूहिक निर्णय पर विगत चार दिनों से एक भी विद्यार्थी स्कूल नहीं पहुंचा। इसके साथ ही इन चार दिनों में कोई भी विभागीय अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि ही विद्यार्थियों की सुध लेने पहुंचा।इसको लेकर राजस्थान पत्रिका ने मामले को गंभीरता से लेते हुए लगातार समाचार प्रकाशित किए। इसके तहत 29 जून को 'चार दिन से विद्यालय परिसर में पसरा है सन्नाटाÓ शीर्षक के साथ समाचार प्रकाशित कर विभागीय अधिकारियों सहित प्रशासन एवं जनप्रतिनिधियों का ध्यान इस ओर आकर्षित करने का प्रयास किया। इसके बाद शुक्रवार को खमनोर विकास अधिकारी प्रशांत शर्मा विद्यालय पहुंचे तो विद्यालय में सन्नाटा पसरा था। इस पर उन्होंने शिक्षकों से ग्रामीणों को बुलाने के लिए कहा। मौके पर आए ग्रामीणों से शर्मा ने नियमों का हवाला एवं विद्यार्थियों के अध्ययनन पर पडऩे वाले विपरीत असर का हवाला देते हुए समझाइश की। इसके बाद संस्था प्रधान राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय शिशोदा की ओर से ग्रामीणो की समस्या को लेकर प्रस्ताव तैयार करने के बाद ग्रामीण खमनोर पंचायत समिति परिसर पहुंचे। पंस. में प्रधान शोभा पुरोहित ने ग्रामीणों से वार्ता कर सरकार की ओर से 2 जुलाई से शुरू होने वाली अन्नपूर्णा दूध योजना का हवाला देते हुए बात की। साथ ही 15 दिन का समय मांगते हुए इस अवधि में विद्यालय क्रमोन्नति को लेकर सकारात्मक पहल का विश्वास दिलाया। इस पर ग्रामीणों ने कहा कि हम 15 दिन का समय आपको देते हैं, किंतु इस अवधि के दौरान सकारात्मक परिणाम सामने नहीं आने पर फिर निर्णय के तहत ग्रामीण अपने बच्चों को स्कूल नहीं भेजेंगे और ग्रामीणों की और से व्यापक स्तर पर आंदोलन कर तालाबंदी करने की चेतावनी भी दी गई। इधर, वार्ता के तुरंत बाद प्रधान की ओर से भी ग्रामीणों की मांग को लेकर पत्र तैयार कर उच्च शिक्षा मंत्री किरण माहेश्वरी सहित सांसद हरिओम सिंह राठौड़ को कार्यवाही के लिए भिजवाया गया। वहीं, इस समझाईश के बाद शनिवार को ग्रामीणों ने बच्चों को स्कूल भेजना शुरू कर दिया। इससे विद्यालय में बीते पांच दिनों से पसरा सन्नाटा टूटा और रौनक लौट आई।
ग्रामीणों को दिलाया विश्वास
&ग्रामीणो से वार्ता कर नियमानुसार विद्यालय क्रमोन्नति के लिए सकारात्मक प्रयास का विश्वाश दिलाया, जिस पर ग्रामीणों ने शनिवार से विद्यार्थियों को स्कूल भेजना शुरू कर दिया। प्रशांत शर्मा, विकास अधिकारी, खमनोर
&खमनोर प्रधान ने 15 दिन में सकारात्मक रूप से समस्या का निदान करने की बात कही। इस पर ग्रामीणों ने 15 दिन तक बच्चों को स्कूल भेजने का निर्णय लिया है। अर्जुनसिंह चदाणा, अध्यक्ष, विद्यालय विकास समिति, सतलेवा