
Jil;a parisad meeting
राजसमंद. जिला परिषद की साधारण सभा की बैठक महाराणा प्रताप सभा भवन में हुई। बैठक में जनप्रतिनिधियों की ओर से उठाए गए मुद्दों पर अधिकारियों की ओर से सही जवाब नहीं दिए जाने पर जिला परिषद के सदस्यों ने बैठक का बहिष्कार कर दिया। इससे सदन में एक बारगी सन्नाटा पसर गया और अधिकारी सन्न रह गए। जिला प्रमुख रतनीदेवी की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में जिला परिषद सदस्य ने जलदाय विभाग पर भ्रष्टाचार किए जाने के आरोप लगाए। उन्होंने पानी के टैंकरों में खुलेआम भ्रष्टाचार किया जा रहा है, जबकि जरूरतमंद लोगों तक पानी पहुंच नहीं पा रहा। उन्होंने इसके लिए कमेटी गठित कर जांच करवाने की मांग की। जिस पर जिला परिषद के सीईओ हनुमानसिंह राठौड़ ने जलदाय विभाग के एसई से जवाब देने को कहा, लेकिन वे कुछ बात नहीं पाए। इस पर सदस्य ने आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि यदि धिकारी जवाब ही नहीं दे पा रहे हैं तो हमारा यहां बैठने का क्या मतलब है। ऐसे अधिकारियों के खिलाफ सदन को कार्रवाई करनी चाहिए। बैठक में एडीएम नरेश बुनकर, उप जिला प्रमुख सोहनीदेवी, भीम प्रधान ज्योति कंवर, जिला परिषद सदस्य रतन कंवर, समुन्द्रसिंह सहित अनेक जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
अधिकारियों के जवाब न दे पाने से जिला परिषद सदस्य नाराज हो गए। उन्होंने कहा कि जिन कायोZं को समय से पूरा करना चाहिए था। उनको आठ माह बीत गए, लेकिन काम अभी तक नहीं हुए। पीएचईडी ने पाइप लाइन डालने को लेकर सड़कें तोड़कर छोड़ दी और 15 दिन में सही करने की बात कही लेकिन आज दिनांक तक हालत वही है। इसके बाद सदस्य एक-एक कर सदन से बाहर चले गए। कुल 17 सदस्य बैठक छोड़कर जिला प्रमुख के चैंबर में आ गए।
इस बैठक में विधायक हरिसिंह रावत भी मौजूद थे। अधिकारियों के जवाब नहीं दे पाने पर उन्होंने भी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि सदन में जनप्रतिनिधि जो मुद्दे उठाते हैं, उसको लेकर अधिकारी गंभीर नहीं है। ये बेहद चिंताजनक है। उन्होंने सीईओ को निर्देश दिए कि ऐसे अधिकारियों को नोटिस दें। उन्होंने ये भी कहा कि अधिकारी मीटिंग में आने से पूर्व तैयारी करके आएं।
बैठक का बहिष्कार किए जाने के बाद सीईओ ने पीएचईडी एसई को सदस्यों को मनाने के लिए कहा। इसके सीईओ और एसई दोनों जिला प्रमुख के चैंबर में गए और जिला परिषद सदस्यों को मनाने का प्रयास किया। कामों की पालना रिपोर्ट सही करने, मुद्दों पर काम करने का आश्वासन दिया। सीईओ ने 15 दिन में पालना रिपोर्ट देने की बात कही। इस पर सभी जनप्रतिनिधि बैठक में फिर शामिल हुए। इसके बाद जनप्रतिनिधियों आगामी 15 दिन बाद विशेष बैठक आयोजित करने की बात कही। बैठक तो चली लेकिन इसमें केवल योजनाओं को लेकर जनप्रतिनिधियों को जानकारी दी गई।
बैठक में बड़े जनप्रतिनिधियों के नहीं आने की भी चर्चा खूब रही। सांसद महिमा कुमारी के लिए ये पहली बैठक थीं, लेकिन नहीं आ सकी। इसके अलावा कुंभलगढ़ विधायक सुरेन्द्रसिंह राठौड़, नाथद्वारा विधायक विश्वराजसिंह, राजसमंद विधायक दीप्ति माहेश्वरी बैठक में नहीं आई। इसकी सदन में और सदन के बाहर चर्चा रही।
Published on:
05 Sept 2024 11:54 am
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