
जगह का अभाव, घुट रहा अस्पताल का दम
राजसमंद. शहर के कमला नेहरू चिकित्सालय में जगह के अभाव में एक कमरे में तीन चिकित्सक बैठकर सेवाएं देते हैं, ऐसे में मरीजों का चेकअप करने तथा दवा लिखने में खासी परेशानी होती है, इधर जगह की कमी के चलते मरीज लाइन तक नहीं लगा सकते, अब अस्पताल प्रशासन का कहना है कि अगर टीबी युनिट यहां से स्थानांतरित हो जाए तो करीब सात कमरें उन्हें और मिल जाएं जिससे अस्पताल की व्यवस्थाएं सुचारू रूप से संचालित हो सकें।
उधार के भवन में चल रहा टीबी युनिट
जिला बनने के बाद १९९६ में यहां टीबी युनिट का संचालन शुरू किया गया। नियमानुसार इसे जिला चिकित्सालय के समीप ही संचालित होना था, लेकिन उस समय जिला अस्पताल का संचालन शहरी चिकित्सालय के भवन में बड़ी मुश्किल से हो रहा था, ऐसे में टीबी युनिट को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कांकरोली में जगह दे दी गई, लेकिन तब से आज तक किसी भी जिम्मेदार अधिकारी व जनप्रतिनिधि ने टीबी युनिट के लिए भवन निर्माण की ओर ध्यान ही नहीं दिया। इधर बढ़ती आबादी के साथ कमला नेहरू चिकित्सालय में भी मरीजों का आउट डोर तथा संशाधन बढ़ गए लेकिन जगह नहीं बढऩे से अब यहां जगह का काफी अभाव हो गया है।
एक्स-रे मशीन लगाने की जगह तक नहीं
अभी चिकित्सा विभाग की ओर से सभी स्वास्थ्य केंद्रों में नई एक्स-रे मशीनें लगवाने के लिए भेजी गई हैं, लेकिन यहां कमरे की कमी के चलते अभी मशीन नहीं लग पाई है, अस्पताल प्रशासन ने एक भंगार भरे एक कमरे को खाली करवाकर उसकी मरम्मत की है, जिसमें अब यह मशीन लगवाई जाएगी।
पलंगों की कमी
कमला नेहरू चिकित्सालय यूं तो सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बन गया है, लेकिन अभी इसमें बजट प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का ही आता है। ऐसे में इस अस्पताल में ३० पलंग तक लगाए जा सकते हैं, लेकिन वर्तमान में यहां १३ पलंग लगे हुए हैं, जिसमें तीन पलंग पुरुष वार्ड, ३ जननी सुरक्षा तथा ७ जनरल वार्ड हैं, अब और पलंग लगवाने की यहां जगह नहीं है। ऐसे में अस्पताल में मरीजों को भर्ती करने में खासी परेशानी होती है।
काउंसलर के बैठने की जगह नहीं
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से कांकरोली चिकित्सालय के लिए एक एमसीडी काउन्सलर को डेपोटेशन में लगाया गया है, लेकिन चिकित्सालय में कक्ष खाली नहीं होने से उन्हे बैठने की जगह नहीं मिल रही है।
बात करूंगा...
कांकरोली चिकित्सालय में जगह की कमी तो है, टीबी युनिट के लिए राजकीय आरके चिकित्सालय में ही कहीं जगह देखकर युनिट स्थानांतरित करने के प्रयास किए जाएंगे।
-डॉ. पंकज गौड़, सीएमएचओ, राजसमंद
Published on:
09 Sept 2018 11:22 am
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