
राजसमंद. जिले में संचालित आंगनबाड़ी केन्द्रों पर आने वाले बच्चों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए नंद घर का कार्य जारी है। इसके तहत अभी तक 505 केन्द्रों में से 374 में काम पूरा हो गया है। आगामी माह के अंत तक काम पूरा होने की उम्मीद जताई जा रही है। नंदघरों को देखने में यह निजी स्कूलों को भी मात देते नजर आ रहे हैं। महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से आंगनबाड़ी केन्द्रों का संचालन किया जाता है। केन्द्रों पर 3 से 6 वर्ष तक के बच्चों को शाला पूर्व शिक्षा दी जाती है। जानकारों के अनुसार पिछली कांग्रेस सरकार में प्रदेश स्तर पर आंगनबाड़ी केन्द्रों को नंदघर में तब्दील करने के लिए एमओयू किया गया था। इसके तहत जिले में वेदांता समूह को जिम्मेदारी सौंपी गई। इसके तहत केन्द्रों पर आने वाले बच्चों को बेहतर सुविधाएं और केन्द्रों को आकर्षक बनाया जा रहा है, जिससे केन्द्रों पर आने वाले बच्चों का शारीरिक और मानसिक दोनों विकास हो सके। इसके तहत 2019-20 में 110 नंदघर में तब्दील किया गया। इसके दूसरे चरण 2022 से प्रारंभ हुआ। इसमें जिले के 505 नंदघर में तब्दील किया जाना है। इसमें चरणबद्ध तरीके से काम किया जा रहा है। इसके तहत अभी तक 131 आंगनबाड़ी केन्द्रों पर काम प्रगति पर बताया जा रहा है। अगले माह के अंत तक सभी कार्य पूरा करने का दावा किया जा रहा है। नंदघर देखने में सुंदर और आकर्षक दिखाई दे रहे हैं।
महिला एवं बाल विकास विभाग के जानकारोंं के अनुसार 505 साइट का चयन किया गया था। इसमें से भीम में 74 में काम पूरा हो गया है। इसी प्रकार देवगढ़ में 60, आमेट में 91, कुंभलगढ़ में 30, राजसमंद में 43 और खमनोर में 56 नंदघर में काम पूरा हो गया है। शेष में काम जारी है।
नंदघरों में काम जारी है। अधिकांश में काम पूरा हो गया है, शेष काम प्रगति पर है। उनके भी जल्द पूरा होने की उम्मीद है। इससे बच्चों को सुविधाएं मिलेगी।
कार्तिक चारण, कार्यवाहक उपनिदेशक महिला एवं बाल विकास विभाग राजसमंद
Updated on:
17 Feb 2025 11:27 am
Published on:
17 Feb 2025 11:24 am
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