pocso special court judgement चार साल पुराने मामले में राजसमंद के पॉक्सो कोर्ट का फैसला
pocso special court judgement राजसमंद. 16 वर्षीय नाबालिग बालिका को रात्रि में उसके घर से बहला-फुसला व धमकाकर ले जाने और उससे बलात्कार करने के आरोपी को यौन अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम के तहत विशेष न्यायालय, राजसमंद के न्यायाधीश सुनील कुमार पंचोली ने 20 वर्ष का कठोर कारावास तथा 31,000 रुपए का जुर्माना सुनाया।
विशिष्ट लोक अभियोजक राहुल सनाढ्य ने बताया कि 14 जून, 2019 को पीडि़ता के पिता ने पुलिस थाना भीम में एक लिखित रिपोर्ट पेश की थी, जिसमें बताया कि एक दिन पूर्व की रात 12 से 2 बजे के बीच उसकी नाबालिग पुत्री को अभियुक्त धन्ना सिंह भगा कर ले गया। तलाश करने पर पता चला कि उसकी पुत्री व धन्ना सिंह, उसकी बहन के घर रुके हुए थे। उन्होंने वहां जाकर देखा, उससे पहले ही अभियुक्त की बहन के यहां से दोनों को भगा दिया गया।
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13 गवाह और 21 दस्तावेज पेश
प्राथमिक सूचना रिपोर्ट पर पुलिस ने प्रकरण पंजीबद्ध कर आवश्यक अनुसंधान पूरा किया तथा आरोपी धन्ना सिंह के विरुद्ध पॉक्सो न्यायालय में विभिन्न धाराओं में आरोप-पत्र पेश किया। न्यायालय में पीडि़ता व राज्य सरकार की ओर से पैरवी करते हुए विशिष्ट लोक अभियोजक सनाढ्य ने 13 गवाह कोर्ट में परीक्षित करवाए तथा 21 दस्तावेज कोर्ट में प्रदर्शित कराए। अनुसंधान अधिकारी ने पीडि़ता व अभियुक्त के अंत:वस्त्रों से लिए विभिन्न नमूनों की एफएसएल जांच भी करवाई, जिसकी परिणाम रिपोर्ट प्रकरण में अपराधा साबित करने में मददगार रही।
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बलात्कारी को यह हुई सजा
पोक्सो न्यायालय ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद अभियुक्त धन्ना सिंह पुत्र सुल्तान सिंह निवासी लसाडिय़ा, थाना भीम को आईपीसी की धारा 363, 376 (3), 376 (2) (ढ) तथा पोक्सो एक्ट की धारा 5(1)/6 में दोष सिद्ध माना और सजा सुनाई।
आईपीसी की धारा 363 : 1 वर्ष का कठोर कारावास तथा 1000 रुपए जुर्माना
आईपीसी की धारा 376(3): 20 वर्ष का कठोर कारावास तथा 20,000 रुपए जुर्माना
आईपीसी धारा 376(2)(ढ) : 10 वर्ष का कठोर कारावास तथा 10,000 रुपए जुर्माना