verdict of rap case पांच साल पुराने मामले में राजसमंद पोक्सो कोर्ट का फैसला, 14 हजार रुपए का लगाया अर्थदण्ड
verdict of rap case राजसमंद. नाबालिग बालिका को बहला-फुसलाकर जबरन शादी करने की नीयत से ले जाने और उससे बलात्कार करने के आरोपी प्रभुलाल को यौन अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम के तहत विशेष न्यायालय, राजसमंद के न्यायाधीश सुनील कुमार पंचोली ने 10 साल की कठोर कैद सुनाई और 14000 रुपए का जुर्माना लगाया।
विशिष्ट लोक अभियोजक राहुल सनाढ्य ने बताया कि 1 मई, 2018 को पीडि़ता की मां व प्रार्थिया ने भीम थाने में एक लिखित रिपोर्ट पेश की, जिसमें बताया कि 29 अप्रेल की सुबह करीब 10:30 से 11 बजे के बीच उसकी पुत्री घर से निकली थी। जब मां ने शाम को फोन किया तो पता चला कि वह गंतव्य तक नहीं पहुंची है। उसने आस-पड़ोस, रिश्तेदारों के यहां और सभी जगह छानबीन की, लेकिन उसकी बेटी का कोई पता नहीं चला।
पुलिस ने प्रकरण पंजीबद्ध कर अनुसंधान पूरा किया। जांच में आरोपी प्रभुलाल पुत्र दुर्गाराम निवासी काहरि पुलिस थाना (देवगढ़) के विरुद्ध पॉक्सो न्यायालय, राजसमंद में आरोप-पत्र पेश किया गया। पुलिस ने अनुसंधान में पाया कि आरोपी प्रभुलाल ने पीडि़त बालिका के साथ जबरन शादी करने की नीयत से उससे जान-पहचान बढ़ाई। उससे दोस्ती की और फिर बलात्कार किया। घटना वाले दिन आरोपी पीडि़ता को बहला-फुसलाकर अपने साथ गांधीनगर (गुजरात) लेकर चला गया। वहां उसे को करीब 4 माह तक एक कमरे में रखा तथा उसके साथ कई बार बलात्कार किया, जिससे पीडि़ता गर्भवती हो गई।
14 गवाह, 34 दस्तावेज पेश
न्यायालय में पीडि़ता व राज्य सरकार की ओर से पैरवी करते हुए विशिष्ट लोक अभियोजक राहुल सनाढ्य तथा परिवादिया के अधिवक्ता गोपालकृष्ण जाट ने 14 गवाह न्यायालय में परीक्षित करवाए तथा 34 दस्तावेज पेश किए।
इन धाराओं में इतनी सजा
अदालत ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद आरोपी प्रभुलाल पुत्र दुर्गाराम निवासी काहरि को भारतीय दंड संहिता की धारा 363, 366 व 376(2)(ढ) व धारा 5 (द्य)/ 6 पोक्सो एक्ट में दोषसिद्धी पर सजा सुनाई।
धारा 363 भादस : 1 वर्ष की कठोर कैद तथा 1000 रुपए जुर्माना
धारा 366 भादस : 3 वर्ष की कठोर कैद तथा 3000 रुपए जुर्माना
धारा 376(2) (ढ) भादस : 10 वर्ष का कठोर कारावास तथा 10,000 रुपए जुर्माना