
Encroachmen नालों-नहर का गला घोंटने का हो रहा पूरा बंदोबस्त
राजसमंद. शहर में बरसात के दिनों में बहते नदी, नालों और प्राकृतिक नहरों का गला घोंटा जा रहा है। बाण्डिया नाला का मामला तो ताजा है, लेकिन इससे पहले से तालेड़ी नदी और इससे जुड़े सहायक नालों की सांसें अब तक घुट रही हैं। नगर परिषद शहर में अतिक्रमण रोकने के लिए जिम्मेदार है, लेकिन आंखे मूंदे बैठी है। रामेश्वर महादेव मंदिर के आगे हाइवे के पार पहाडिय़ों से शहर में प्रवेश कर रही तालेड़ी को नदी कहा जाता है, तो कहीं-कहीं तो यह अब केवल नाले के स्वरूप में बची है। रास्ते में कुछ जगह जनसुविधा के मद्देनजर नगर परिषद ने खुद सड़कें बनाईं, कहीं पुलिया बनाई तो कई जगह लोगों ने खुद ही अवैध ढंग से भराव कर कच्ची पुलियाएं या रास्ते बना डाले। सबको पता है कि तालेड़ी के एक बड़े इलाके पर पिछले चार-पांच दशक में कई आवासीय कॉलोनियां बस गईं, लेकिन मौजूदा दौर में जो जगह बची है, उस पर भी भराव करके एक सुनियोजित षड्यंत्र के तहत अवैध कब्जों की तैयारी की जा रही है और जिम्मेदार अधिकारी चुप हैं। यह बात अलग है कि तालेड़ी के कायाकल्प को लेकर नगर परिषद ने करीब 7 करोड़ रुपए के बजट का प्रस्ताव कायाकल्प करने की इच्छाशक्ति दिखाई है, मगर अभी यह कागजों में ही है। लेकर बाण्डिया नाला शहर के उत्तरी-पूर्वी दिशा में है, जो झील से निकलता है। वहां अभी इतनी आबादी विकसित नहीं हुई है, लेकिन उसका भी वजूद मिटाने की तैयारी चल रही है।
यह है स्थिति
शहर में टीवीएस चौराहे से गुजरती तालेड़ी नदी का हाल बेहाल है। यहां कुछ समय पहले पुलिया को चौड़ा किया गया, तब कार्यकारी एजेंसी ने नदी में ही मलबा भर दिया। इसे बरसों बाद भी नहीं हटाया गया है, न किसी ने इस बारे में गम्भीरता से सोचा। इस क्षेत्र में बड़े पैमाने पर वनस्पति भी उगी हुई है। नदी की सफाई कभी हुई ही नहीं। कांकरोली के टीवीएस चौराहे पर पुलिया की पश्चिमी दिशा में तालेड़ी के ठीक बगल में बन रहे एक व्यावसायिक भवन का मलबा वर्ष-2016 से लगातार इसमें डाला जाता रहा, लेकिन जिम्मेदारों ने आंखों पर काली पट्टी बांध ली। तालेड़ी की यहां छह साल पहले जितनी चौड़ाई थी, उतनी अब मौके पर नहीं है। कांकरोली क्षेत्र में साईं विहार के पास तालेड़़ी नदी में घरों का मल-मूत्र भी मिलकर बह रहा है। इस इलाके में नदी सिर्फ एक नाली के रूप में प्रवाहित है। प्राचीन नदी पर निर्माण भी हो गए। साईं विहार क्षेत्र में कुछ जगह तो इतने अवरोध हैं कि तालेड़ी का बरसाती पानी ठहरा हुआ है, उसमें आसपास के मकानों दूषित पानी इकट्ठा होता जा रहा है। प्राकृतिक निकासी अवैध कब्जों से पूरी तरह प्रभावित हो गई। कांकरोली में 60 फीट रोड से धोइन्दा व आरके जिला अस्पताल की ओर जाने के लिए अवैध रूप से पाइप डालकर सड़क बना दी गई। इसी जगह को नगर परिषद ने बरसों तक पूरे शहर का कचरा इकट्ठा कर अस्थायी डम्पिंग यार्ड बना रखा था।
Published on:
10 Feb 2022 07:04 pm
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