
साधारण सभा में बहस करते उपसभापति और पार्षद
नगर परिषद की साधारण सभा सभापति अशोक टांक की अध्यक्षता में हुई। साधारण सभा के बजट पर चर्चा के दौरान विधायक दीप्ति माहेश्वरी भी पहुंची। विधानसभा चुनाव के पश्चात पहली बार बोर्ड में आने पर सभापति टांक और आयुक्त आर.के. मेहता ने ऊपरना ओढ़ाकर उनका स्वागत किया। इसके बाद कई मुद्दों पर चर्चा की गई। इस दौरान विधायक ने कहा कि शहर के विकास में बिना भेदभाव के काम होना चाहिए। काम नहीं करने वाले ठेकेदारों को तुरंत प्रभाव से ब्लैक लिस्टेड किया जाए। साधारण सभा में सर्वसम्मति से एक अरब छियानवें करोड़ इक्तीस लाख पैंसठ हजार का बजट पास किया गया। इस दौरान सभापति ने संभावित आय और खर्च आदि का ब्यौरा प्रस्तुत किया गया। इसके बाद कई प्रस्ताव पर चर्चा कर सर्वसम्मति से प्रस्ताव लिए गए। साधारण सभा में अर्जुन मेवाड़ा, पार्षद मोहन कुमावत, दीपक शर्मा, तरूणा कुमावत, मांगीलाल टांक, हेमंत रजक, हेमंत गुर्जर, हिमानी नंदवाना सहित अनेक वार्ड पार्षद और नगर परिषद के अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।
नगर परिषद की आय क्या जो खर्चा बढ़ा रहे हो
नगर परिषद का खजाना खाली होने का मुद्दा साधारण सभा में छाया रहा। नगर परिषद की ओर वर्ष 2024 में होने वाले गणगौर महोत्सव, गणपति महोत्सव, बाबा रामदेव जयंती इत्यादि पर चर्चा के दौरान विधायक दीप्ति माहेश्वरी ने कहा कि नगर परिषद की आय है क्या जो खर्चा बढ़ाने में लगे हैं। गणगौर महोत्सव जनसहभागिता बढ़ाने और झांकियों की जिम्मेदारी समाज एवं उद्यमियों को दी जानी चाहिए, जिससे खर्चा भी कम होगा। उन्होंने सुझाव दिया कि दीपावली आदि पर होने वाली शहर की साज-सज्जा का कार्य व्यापारी संगठनों से चर्चा कर उदयपुर की तर्ज पर कराया जाए। इसकी प्रतियोगिता कराई जाए और विजेता संगठनों को उद्ययमियों के माध्यम से पुरस्कृत किया जाए। इसी प्रकार धार्मिक आयोजनों में जनसहभागिता को बढ़ाकर खर्चा कैसे कम किया जा सकता है उस पर चर्चा की जानी चाहिए। आयोजन कमेटी बनाई जाए वही इस पर निर्णय करे की कार्य कैसे किए जाए।
पार्षदों की सुनवाई नहीं होने पर दी चेतावनी
नगर परिषद कार्मिकों की ओर से पार्षदों की सुनवाई नहीं करने और उनका फोन अटेंड नहीं करने की बात सामने आने पर विधायक दीप्ति माहेश्वरी ने कहा कि अधिकारियों एवं समस्त कार्मिकों को पार्षदों की बात सुननी पड़ेगी। फोन अटेंड नहीं कर पाने की स्थिति में चार घंटे में उसका रिप्लाई देना आवश्यक है। ऐसा नहीं होने पर संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी के खिलाफ सख्त निर्णय लेना पड़ेगा।
कचौड़ी-समोसे खाकर लौट तो नहीं आएंगे कार्मिक
राजनगर बस स्टैण्ड पर परिषद की जमीन पर पक्का निर्माण होने, जे.के.मोड के निकट बने शॉपिंग कॉम्पलेक्स में अनियमितता, परिषद की जमीनों पर कब्जे आदि की बात को हंगामा हुआ। पार्षदों ने परिषद के कार्मिकों को यहां तक कह दिया कि कार्रवाई करने के नाम पर जाकर कचौड़ी-समोसे खाकर वापस लौट मत आना। इस पर विधायक और सभापति ने कहा कि शहर में नगर परिषद की जमीनों पर हो रहे अतिक्रमण के खिलाफ तुरंत कार्रवाई की जाए। विधायक माहेश्वरी ने कहा कि हाईवे के किनारों पर मार्बल स्लरी डाली जा रही है। स्लरी डालने वाले के खिलाफ सख्त कार्रवाई तुरंत की जाए। बारिश के दौरान स्लरी के रोड पर आने से हादसे हो सकते हैं इसका जिम्मेदार कौन होगा।
साधारण सभा में यह लिए प्रस्ताव
- वार्डो में 15 लाख के कार्य नहीं हुए हैं उक्त राशि को इस वर्ष के विकास कार्यो में जोड़ी जाए
- विकास कार्य करवाए जाने पर पार्षद की एनओसी मिलने पर ही ठेकेदार का भुगतान करने
- साल में एक बार होने वाली साधारण सभा को समाप्त कर नियमित साधारण सभा होनी चाहिए
- अगली साधारण सभा में बिजली और जलदाय विभाग सहित अन्य विभागों को बुलाया जाने
- नगर परिषद की ओर से आयुक्त से लेकर सभी कार्मिकों को मोबाइल सिम उपलब्ध कराने
- सफाई कर्मचारियों की सुबह एवं शाम को आने और जाने के समय उपस्थिति होनी चाहिए
- ट्रांसपोर्ट नगर निर्माण के लिए भूमि का आवंटन की जाए, अन्य मदों से इसका काम कराया जाए
- शहर में विचरण करते लावारिश गौवंश के लिए मोही, राजनगर और धोईंदा में व्यवस्था करने
- नवनिर्मित कॉलोनियों में बिजली, पानी और रोड का अभाव है उसकी सूची तैयार की जाए
- शहर के प्रमुख मार्गो पर स्वागत द्वार बनाए जाने एवं चौराहों का सौन्दर्यीकरण करवाया जाना चाहिए
फैक्ट फाइल (वित्तीय वर्ष 2024-25)
- एक अरब छियानवें करोड़ इक्तीस लाख पैंसठ हजार का बजट
- एक करोड़ सात लाख बरानवें हजार पिछले साल से अधिक
- एक अरब 68 करोड़ 20 लाख 45 हजार प्रस्तावित आय
- एक अरब 11 करोड़ 35 लाख 60 हजार रुपए प्रस्तावित व्यय
Published on:
14 Feb 2024 11:38 am
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