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होनहार राजस्थान में परखा जाएगा सरकारी विद्यालयों का स्तर

- अभिनव पहल- विद्यालयों को स्तर के अनुसार मिलेगें ब्रॉन्ज, सिल्वर एवं गोल्ड प्रमाण पत्र

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होनहार राजस्थान में परखा जाएगा सरकारी विद्यालयों का स्तर

होनहार राजस्थान में परखा जाएगा सरकारी विद्यालयों का स्तर

आईडाणा. प्रदेश के सरकारी विद्यालयों में विद्यार्थियों के शिक्षक अधिगम में निरन्तर सुधार एवं गुणवत्ता लाने एवं विद्यालय से जुडी समस्त शैक्षणिक एवं सहशैक्षणिक गतिविधियों का फोकस विद्यार्थी की उपलब्धि पर केन्द्रित करने के उद्देश्य से राज्य स्तर पर एक अभिनव पहल की गई है। विद्यार्थियों एवं विद्यालयों के उपलब्धि परक प्रमाणीकरण को ध्यान में रख कर होनहार राजस्थान कार्यक्रम की विस्तृत रूपरेखा तैयार की गई है। राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद के राज्य परियोजना निदेशक एवं आयुक्त बाबूलाल मीणा ने इस संबंध में हाल ही में दिशा.निर्देश जारी किए। होनहार राजस्थान कार्यक्रम के माध्यम से कक्षा 2 से 7 में अध्ययनरत विद्यार्थियों के शैक्षिक स्तर के अनुसार विद्यालयों को ब्रॉन्ज, सिल्वर एवं गोल्ड प्रमाण पत्र प्रदान किए जाएंगे।

तीन चरणों में होगी प्रक्रिया
प्रमाणीकरण की प्रक्रिया तीन चरणों में पूर्ण की जाएगी। प्रत्येक चरण में लगभग 15000 विद्यालयों में प्रमाणीकरण कार्य सम्पादित किया जाना है। विद्यालयों का चयन गुणवत्ता दिवस 29 फरवरी 2020 के अवसर पर आयोजित परीक्षा के आधार पर किया जाएगा। गुणवत्ता दिवस पर आयोजित परीक्षा में लगभग 61000 विद्यालयों के 42 लाख विद्यार्थियों ने भाग लिया था। आयोजन का उद्देश्य नेशनल एचिवमेंट सर्वे के लिए विद्यालयों को शैक्षिक रूप से सुदृढ़ करना था।

कार्यक्रम का उद्देश्य
- विद्यार्थियों के शैक्षिक स्तर में वृद्धि के लिए स्वस्थ प्रतिस्पर्धा का विकास करना।
- शैक्षिक उपलब्धि के आधार पर विद्यालय की गुणवत्ता का आकलन कर प्रमाणीकरण करना।
- विभिन्न विद्यालयों के मध्य स्वस्थ प्रतिस्पर्धा का विकास करना।
- बेहतर प्रदर्शन वाले शिक्षकों, संस्था-प्रधानों, विद्यालयों को प्रोत्साहित व सम्मानित करना।
- बच्चों में सीखने के प्रति जिज्ञासा व सजगता की भावना को प्रोत्साहित करना।
- विद्यालयों को अकादमिक सहयोग एवं संबलन प्रदान करना।

प्रमाणीकरण के मानक
ब्रॉन्ज - कक्षा 2 से 7 के 50 प्रतिशत विद्यार्थियों द्वारा भाषा, गणित, अंग्रेजी विषय में कक्षा स्तर की 50 प्रतिशत दक्षताओं को प्राप्त करना।
सिल्वर - कक्षा 2 से 7 के 65 प्रतिशत विद्यार्थियों द्वारा भाषा, गणित, अंग्रेजी विषय में कक्षा स्तर की 50 प्रतिशत दक्षताओं को प्राप्त करना।
गोल्ड- कक्षा 2 से 7 के 80 प्रतिशत विद्यार्थियों द्वारा भाषा, गणित, अंग्रेजी विषय में कक्षा स्तर की 50 प्रतिशत दक्षताओं को प्राप्त करना।

प्रमाणीकरण की प्रक्रिया
प्रथम चरण में विद्यालय स्तर पर मूल्यांकन आयोजित किया जाएगा। उक्त मूल्यांकन अनुसार जो विद्यालय ब्रॉन्ज स्तर के मानकों को पूर्ण करेंगे, वह ब्रॉन्ज प्रमाण पत्र के लिए शाला दर्पण पोर्टल के माध्यम से आवेदन करेंगे। आवेदन के उपरान्त कक्षा 2 से 7 में अध्ययनरत विद्यार्थियों की शैक्षिक स्तर की जांच डाइट के माध्यम से की जाकर ब्रॉन्ज प्रमाण पत्र प्रदान करने का निर्णय किया जाएगा। द्वितीय चरण में वह विद्यालय जो ब्रॉन्ज प्रमाणीकरण प्रक्रिया में असफल होंगे पुन: ब्रॉन्ज प्रमाणीकरण के लिए स्वयं को मनोनीत कर सकेंगे। जिन विद्यालयों को प्रथम चरण में ब्रॉन्ज प्रमाणीकरण प्राप्त हुआ है वह द्वितीय चरण में सिल्वर प्रमाणीकरण के लिए आवेदन कर सकेंगे। तृतीय चरण में जिन विद्यालयों का कोई प्रमाणीकरण नहीं हुआ वह स्वयं को ब्रॉन्ज प्रमाण पत्र के लिए मनोनीत कर सकेंगे। सभी ब्रॉन्ज प्रमाण पत्र वाले विद्यालय सिल्वर प्रमाण पत्र के लिए आवेदन कर सकेंगे तथा सभी सिल्वर प्रमाण पत्र वाले विद्यालय गोल्ड प्रमाण पत्र के लिए आवेदन कर सकेंगे। योजना के निर्धारित मानकों के अनुसार विद्यालय स्वयं को प्रमाणीकरण के लिए मनोनीत करेंगे। ब्रॉन्ज एवं सिल्वर प्रमाणीकरण के लिए विद्यार्थियों के शैक्षिक स्तर की जांच दक्षता आधारित प्रश्न पत्रों के अनुसार डाइट में अध्ययनरत इन्र्टन्स के माध्यम से की जाएगी। जो विद्यालय गोल्ड प्रमाण पत्र के लिए स्वयं को मनोनित करेंगे, उनके विद्यार्थियों के शैक्षिक स्तर की जांच बाह्य संस्था या जिला या ब्लॉक परिवर्तित करते हुए की जाएगी।

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