script इस जिले में इस साल पानी की नहीं होगी किल्लत..पढ़े पूरी खबर | There will be no shortage of water in this district this year | Patrika News

इस जिले में इस साल पानी की नहीं होगी किल्लत..पढ़े पूरी खबर

locationराजसमंदPublished: Feb 07, 2024 11:20:16 am

Submitted by:

himanshu dhawal

राजसमंद. जिले में इस बार गर्मियों में पेयजल किल्लत का सामना नहीं करना पड़ेगा। आमेट और देवगढ़ के ग्रामीण क्षेत्रों में जलदाय विभाग की ओर से 2-3 दिन में पेयजल आपूर्ति करने का दावा किया जा रहा है, जबकि पिछली बार गर्मी के दौरान 7-8 दिन में पेयजल आपूर्ति हो रही थी। भीम की कुछ पंचायतों में पेयजल आपूर्ति के लिए टैंकरों से जलापूर्ति की तैयारी की जा रही है।

इस जिले में इस साल पानी की नहीं होगी किल्लत...पढ़े और देखें वीडियो
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जलदाय विभाग की ओर से शहरी क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति राजसमंद झील से होती है। झील में भरपूर पानी होने के कारण गर्मियों में किसी तरह की परेशानी नहीं होगी। नाथद्वारा के बाघेरी का नाका, चिकलवास तालाब और नंदसमंद बांध में पानी भरपूर है। इसी प्रकार देवगढ़ के दोनों तालाब एवं आमेट के लावासरादगढ़ चन्द्रभागा नदी में पानी की अच्छी आवक होने के कारण सभी कुएं और तालाब रिचार्ज हो गए हैं। इसके कारण गर्मी में शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में पानी में पर्याप्त मात्रा में जलापूर्ति हो सकेगी। भीम उप तहसील की सात पंचायतों में पेयजल किल्लत के समाधान के लिए कंटीजेंसी प्लान तैयार किया जा रहा है। पानी की कमी वाले क्षेत्रों में टैंकरों से जलापूर्ति की जाएगी। उल्लेखनीय है कि पिछले साल देवगढ़, आमेट और भीम में पेयजल किल्लत के चलते लोगों को परेशानी हुई थी।
जिले में यह हुई थी बारिश
जानकारों के अनुसार एक जून से लेकर 30 सितम्बर तक औसत 798.18 एमएम बारिश हुई है। इसमें आमेट में 863 एमएम बारिश दर्ज की गई। इसी प्रकार भीम में 593, देलवाड़ा में 697, देवगढ़ में 868, गढ़बोर में 1015, खमनोर में 794, केलवाड़ा में 948, कुंवारिया 759, नाथद्वारा में 725, रेलमगरा 781 और राजसमंद में 737 एमएम बारिश दर्ज की गई है।
बिपरजॉय के कारण बढ़ा जलस्तर
पिछले साल बिपरजॉय तूफान के चलते झमाझम बारिश हुई है। मानसून की भी अच्छी बारिश होने के कारण जिले के 25 जलाशयों में सिर्फ छह जलाशयों में पानी की आवक नहीं हुई है। इसमें से अधिकांश जलाशय भीम के है। अच्छी बारिश के कारण राजसमंद झील, देवगढ़ का कुंडली तालाब, नाथद्वारा का नंदसमंद बांध, चिकलवास बांध, देवगढ़ का नीमझर, नाथद्वारा का कुंठवा बियर और नाथद्वारा का बागेरी का नाका ओवर फ्लो हो गया था। इसी प्रकार गोमती नदी के लगातार चलने, खारी फीडर से पानी की आवक होने और बनास नदी के बहने के कारण आस-पास के कुएं और तालाब आदि रिचार्ज हो गए हैं।
8.65 मीटर जलस्तर की हुई बढ़ोतरी
भू-जल विभाग की ओर से बारिश के बाद 289 स्थानों पर सर्वे किया गया। इसमें 8.65 मीटर की बढ़ोतरी हुई है। इसमें सर्वाधिक आमेट में 13.40 और कुभलगढ़ में 11.83 मीटर भू-जल स्तर की बढ़ोतरी हुई। विभाग की ओर 174 कुएं और 115 स्थानों पर लगे पीजियोमीटर से भू-जल स्तर की जांच की गई है।
नहीं होगी पानी की दिक्कत कंटीजेंसी प्लान कर रहे तैयार
गर्मी के दौरान जिले में कहीं भी पेयजल किल्लत नहीं होगी। आमेट और देवगढ़ में 2-3 दिन में पेयजल आपूर्ति की जाएगी। भीम के बार उप तहसील की सात पंचयतों एवं जहां पर किल्लत हो सकती है उसके लिए कंटीजेंसी प्लान बनाया जा रहा है। वहां पर टैंकरों से पेयजल आपूर्ति की जाएगी।
- शिवदयाल मीणा, एसई जलदाय विभाग राजसमंद

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