
हाईवे पर खुला शराब का ठेका
ग्रामीणों ने बताया कि रात ही नहीं, सुबह भी तय समय से पूर्व दुकानें खुल जाती हैं, जबकि राज्य सरकार के निर्देशानुसार नेशनल हाइवे व स्टेट हाइवे से 200 मीटर दूर शराब का ठेका होना निर्धारित है। बीते दिनों विधायक हरि सिंह रावत ने जनवरी माह में विधानसभा एवं जिला परिषद की बैठक में मुद्दा उठाया था। हाइवे पर बरार के समीप कुशलपुरा चौराहे पर शराब ठेका संचालित होने की बात कहते हुए उन्होंने अफसोस व नाराजगी जताई और कार्यवाही की मांग की, लेकिन विभागीय अधिकारियों के कानों पर पर जूं तक नहीं रेंग रही है।
सत्ताधारी विधायक की आवाज भी बेअसर
खुद सत्ताधारी विधायक की आवाज भी जिम्मेदार अधिकारियों ने सुनना पसंद नहीं किया। मुद्दा उठाने के कई दिन बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है। लोगों का कहना है कि आबकारी विभाग की मिलीभगत से एक वैध दुकान के साथ दस अवैध दुकानें खुलवा रखी हैं।
प्रतिबंधित पंचायत के पास दुकान लगाने की ललक
बरार ग्राम पंचायत में मतदान के तहत पूर्ण शराबबंदी हो चुकी है तथा राजकीय नियमानुसार बरार में शराब ठेका संचालन बंद किया जा चुका है। ऐसे में शराब कारोबारियों का आकर्षण बरार के समीप दुकान खोलने का है।
यहां सडक़ों के किनारे खुली दुकानें
राष्ट्रीय राजमार्ग पर बली जस्साखेड़ा, टोगी, बालाचाराट, नंदावट, बलाइयां का कुआं, कुण्डाल की गुंआर कूकरखेड़ा, कुशलपुरा आदि अन्य दुकानें एवं भीम-गुलाबपुरा हाइवे, ताल-लसानी मार्ग पर काकरोद-लसानी, ईसरमंड-बदनौर मार्ग, करेड़ा रोड आदि जगहों पर पर सडक़ किनारे शराब की दुकानें खुली हुई हैं। वाहनचालकों व ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए बड़े-बड़े ग्लोसाइन बोर्ड लगा रखे हैं। हाइवे किनारे छोटे-मोटे होटल व ढाबों पर भी अवैध तरीके से बिना अनुज्ञापत्र मांस-मदिरा परोसी जा रही है।
Published on:
26 Feb 2024 11:47 am
