
कृषि उपज मंडी में खड़ी मोबाइल क्लीनिंग एण्ड सॉर्टिंग मशीन।
राजस्थान स्टेट कृषि विपणन बोर्ड की ओर से ईनाम परियोजना के तहत मोबाइल क्लीनिंग एण्ड सार्टिंग मशीन उपलब्ध कराने के आदेश अप्रेल 2020 में जारी हुए थे। इसके तहत अगस्त 2021 में करीब 20 लाख रुपए की लागत से यह मशीन उपलब्ध कराई गई। इस मशीन के उपलब्ध कराने के बाद से अभी तक एक बार भी इसका उपयोग नहीं हो सका है। यह मशीन आई है तब से अभी तक एक ही जगह खड़ी है। ऐसे में यह मशीन अब चालू है अथवा खराब हो गई इसकी जानकारी कृषि उपज मंडी के कार्मिकों को भी नहीं है। उल्लेखनीय है कि पछले साल जिले में समर्थन मूल्य पर गेहूं की बिक्री के लिए कोई काश्तकार नहीं पहुंचा था। इसके कारण पिछले साल भी यह मशीन किसी काम नहीं आई।किसी ने नहीं दिखाई रुचि
मोबाइल क्लीनिंग एण्ड सॉर्टिंग मशीन के किसी काम नहीं आने पर सरकार के निर्देशानुसार मशीन को किराए पर देने के लिए दो बार निविंदा भी आमंत्रित की गई, लेकिन किसी भी प्राइवेट कम्पनी एवं समर्थन मूल्य पर खरीद करने वाली संस्थाओं ने इसमें रुचि नहीं दिखाई। इसके कारण इसका उपयोग नहीं हो पा रहा है।
यह आती है काम
जानकारों के अनुसार इस मशीन से समर्थन मूल्य पर की गई खरीद की ग्रेडिंग की जाती है। खरीद में मशीन के माध्यम से कच्चा दाना, छोटा दाना अलग करने, मिट्टी के कण और लकड़ी आदि के टुकडों को अलग करने आदि के काम आती है। इसका उपयोग एफसीआई आदि करते हैं।
सिर्फ दो कार्मिक, सचिव का हुआ स्थानातंरण
कृषि उपज मंडी की खाली पदों के चलते स्थिति खराब है। यहां पर 12 पद स्वीकृत है, लेकिन वर्तमान में सिर्फ एक एलडीसी एवं एक कम्प्यूटर ऑपरेटर कार्यरत है, ऐसे में 10 पद रिक्त चल रहे हैं। प्लेसमेंट एजेंसी के माध्यम से गार्ड लगा रखे हैं। मंडी सचिव का पद भी 2016-17 से खाली चल रहा है। वर्तमान में इसका अतिरिक्त प्रभार कुलदीप सिंह के पास था, उनका भी गत दिनों स्थानातंरण देवली हो गया। इसके कारण यह पद भी खाली चल रहा है।
Published on:
24 Feb 2024 12:03 pm
