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राजसमन्द में योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा केन्द्र खोलने का आग्रह

- सांसद ने आयुष मंत्री से की मुलाकात - मेवाड़ के चार धाम धार्मिक पर्यटन के रूप में विकसित हो- पर्यटन मंत्रालय की सलाहकार समिति की बैठक में प्रताप सर्किट की मांग

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राजसमन्द में योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा केन्द्र खोलने का आग्रह

राजसमन्द में योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा केन्द्र खोलने का आग्रह

राजसमन्द. सांसद दीयाकुमारी ने आयुष मंत्रालय के केन्द्रीय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीपद नायक से मुलाकात कर राजसमंद में योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा केन्द्र स्वीकृत करने का आग्रह करते हुए कहा कि सरकारी तंत्र के माध्यम से प्राकृतिक चिकित्सा पद्धति को घर-घर पहुंचाना चाहिए। शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में हमारे भारत की योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा पद्धति मील का पत्थर साबित हो सकती है।
मंगलवार को संसद सत्र और दिनभर चली बैठकों के दौर के बाद पर्यटन और संस्कृति मंत्रालय की सलाहकार समिति की बैठक केन्द्रीय मंत्री और समिति के सभापति प्रहलाद पटेल की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। बैठक में सांसद ने कहा कि राजसमंद ऐतिहासिक स्थलों की वीर भूमि है, जहां हल्दीघाटी, दिवेर और कुंभलगढ़ का विश्व प्रसिद्ध किला है, जो वीरता और बलिदान का चश्मदीद गवाह है। महाराणा प्रताप से जुड़े इन सभी महत्वपूर्ण स्थानों को आपस में सम्बद्ध कर प्रताप सर्किट विकसित करना चाहिए।
सांसद ने कहा कि एकलिंगजी, श्रीनाथजी, श्रीद्वारकाधीश और श्रीचारभुजा के रूप में मेवाड़ में चारधाम स्थित है, जिनका धार्मिक पर्यटन के रूप में विकास होना चाहिए। चारभुजा से भटेवर वाया हल्दीघाटी राष्ट्रीय राजमार्ग 162ई सड़क के चौड़ीकरण की भी सिफारिश करते हुए सांसद ने कहा कि इस मार्ग से पूरा मेवाड़ और पर्यटक लाभान्वित होंगे। भारतीय पुरातत्व विभाग को स्मारक के आसपास के क्षेत्र में शौचालय, कैफे, साउंड और लाइट शो जैसी सुविधाओं के निर्माण की अनुमति देनी चाहिए, जिससे पर्यटकों को आकर्षित किया जा सके। यह जानकारी मीडिया संयोजक मधुप्रकाश लड्ढा ने दी।