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चंबल परियोजना से हर ढाणी तक पहुंचेगा पानी, जून 2026 तय नई डेडलाइन

भीम-देवगढ़ विधानसभा क्षेत्र के लोग वर्षों से पेयजल संकट झेलते आए हैं। गर्मियों में टैंकरों पर निर्भर रहना और गांव-ढाणियों में पानी की कमी को लेकर विवाद आम बात रही है।

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Chambal Project progress

Chambal Project progress

1291 करोड़ की योजना से भीम-देवगढ़ क्षेत्र के 56 हजार परिवारों को राहत की उम्मीद

राजसमंद. भीम-देवगढ़ विधानसभा क्षेत्र के लोग वर्षों से पेयजल संकट झेलते आए हैं। गर्मियों में टैंकरों पर निर्भर रहना और गांव-ढाणियों में पानी की कमी को लेकर विवाद आम बात रही है। लेकिन अब तस्वीर बदलने की उम्मीद है। 1291.16 करोड़ रुपये की बहुचर्चित चंबल परियोजना इसी संकट का स्थायी समाधान मानी जा रही है। परियोजना की शुरुआत अक्टूबर 2023 में हुई थी और लक्ष्य रखा गया था कि 15 जून 2025 तक हर घर और ढाणी तक चंबल का मीठा पानी पहुंचेगा। मगर तकनीकी कारणों और ठेकेदारों की धीमी गति से काम के चलते अब इसकी डेडलाइन एक साल बढ़ा दी गई है। विभाग का दावा है कि 15 जून 2026 तक 54 ग्राम पंचायतों के 250 गांव और 827 ढाणियों के 56 हजार से ज्यादा परिवारों को नियमित पेयजल आपूर्ति मिलने लगेगी।

अधूरा काम, अधूरी आस

योजना का उद्देश्य पेयजल की स्थायी समस्या का हल करना है, लेकिन आज भी हकीकत अलग है। कहीं बड़ी टंकियां अधूरी पड़ी हैं, कहीं पाइपलाइन बिछ चुकी है लेकिन नलों में पानी नहीं आया। देवगढ़ शहर में खुले पड़े विशाल पाइप लोगों के लिए परेशानी और दुर्घटना का कारण बन रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि हर गर्मी में इंतजार की घड़ी लंबी होती जा रही है।

अब तक की प्रगति

  • पाइपलाइन: 644 किमी से ज्यादा बिछ चुकी।
  • बड़ी टंकियां: 54 में से 37 तैयार, 15 निर्माणाधीन।
  • छोटी टंकियां: 6 में से 3 पूरी, 2 पर काम जारी।
  • पंपिंग स्टेशन: 16 में से 9 पर काम प्रगति पर।
  • बूस्टर पंप: डासरिया में स्थापित होगा।
  • क्षतिपूर्ति: ठेकेदारों की सुस्ती पर 11.55 करोड़ रु. रोके गए।

विभाग का पक्ष: तकनीकी बाधाएं बड़ी वजह

चंबल प्रोजेक्ट मांडलगढ़ के एक्सईएन रामप्रसाद जाट के अनुसार कार्य की धीमी गति के पीछे कई कारण रहे—

  • वन विभाग, एनएचएआई और पीडब्ल्यूडी से समय पर अनुमति न मिलना
  • ठेकेदारों की सुस्ती
  • तकनीकी क्लीयरेंस में देरी

विभाग का कहना है कि अब स्थिति नियंत्रण में है और अगले साल तक हर हाल में काम पूरा कर लिया जाएगा।

ठेकेदारों पर होगी सख्ती

देवगढ़ नगर और आसपास अधूरे पड़े कार्यों से आमजन परेशान हैं। सड़कें खोदी गईं लेकिन समतल नहीं की गईं। इस पर विभाग ने चेतावनी दी है कि ठेकेदार अगर तय समय में कार्य पूरा नहीं करते तो अनुबंध रद्द कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

जनता की उम्मीदें

देवगढ़-भीम क्षेत्र के लोग दशकों से हर गर्मी में जलसंकट झेलते रहे हैं। टैंकर, हैंडपंप और नलकूप भी इस समस्या का स्थायी हल नहीं बन सके। अब ग्रामीण मानते हैं कि यदि चंबल परियोजना तय समय में पूरी हो जाती है, तो हर ढाणी तक नल से पानी पहुंचना एक ऐतिहासिक बदलाव होगा।

परियोजना की फैक्ट फाइल

  • लागत: 1291.16 करोड़ रुपये
  • शुरुआत: अक्टूबर 2023
  • नियत पूर्णता तिथि: 15 जून 2025
  • नई संभावित पूर्णता तिथि: 15 जून 2026
  • लाभार्थी: 56,082 परिवार, 54 ग्राम पंचायतें, 250 गांव, 827 ढाणियां