
कुआं ढहने से श्रमिक दबा, बारिश से बचाव कार्य बाधित, रेलमगरा क्षेत्र के सांसेरा में हादसा, दो श्रमिकों की किस्मत से बच गईजान
रेलमगरा. राजसमंद जिले के रेलमगरा थाना क्षेत्र के सांसेरा में गुरुवार दोपहर आबादी के पास खेत में कुआं खोदते मलबा ढहने से एक श्रमिक दब गया। उसे बचाने की कोशिशें शुरूहोने के बाद बारिश चलते काम रोकना पड़ा। अपर्याप्त बिजली आपूर्तिने भी बाधा डाली। देर शाम तक बचाव कार्य दोबारा शुरू नहीं हो पाया। मौके पर बड़ी तादाद में लोग एकत्र थे।
सांसेरा निवासी भगवतीलाल शर्मा के खेत पर गत दिनों एक नया कुआं खोदा गया था। मानसून पूर्व कुआं खोदने के बाद उसे बांधने का कार्य चल रहा था। इस दौरान दोपहर करीब ढाईबजे यह हादसा हुआ। कुएं के बाहर दो श्रमिक एवं भीतर पाखण्ड निवासी चतुर्भुज भील (6 2) चिनाई का कार्य कर रहा था। एकाएक कुएं की मुण्डेर से मिट्टी ढहना शुरू हो गई और देखते ही देखते मिट्टी का बड़ा ढेर अन्दर जा गिरा। पास ही कार्य कर रहे दो अन्य श्रमिक मलबा ढहने से हुए धमाके को सुनकर दौड़ पड़े, लेकिन कुएं में चतुर्भुज नहीं दिखा। उन्होंने काफी आवाज लगाई, लेकिन अन्दर से कोईजवाब नहीं आने पर उन्हें उसके मलबे में दब जाने की आशंका हुई। कुछ देर तक पानी में हलचल भी हुई, लेकिन थोड़ी देर बाद पानी ठहर गया। दोनों श्रमिकों ने गांव में इसकी सूचना दी। बड़ी संख्या में लोग मौके पर एकत्रित हो गए। उन्होंने अपने स्तर पर कुएं में बलई एवं रस्सियां डालकर श्रमिक की तलाश करने की कोशिश की।
थाने पर नहीं उठाया फोन, एसपी को देनी पड़ी इत्तला
हादसे के बाद बचाव कार्य और मदद के लिए ग्रामीणों ने रेलमगरा थाना पुलिस को बेसिक टेलीफोन पर कॉल किया, लेकिन घंटिया घनघनाती रही और किसी ने फोन रिसीव नहीं किया। ग्रामीणों ने थाने के कुछ पुलिस जवानों को निजी एवं सरकारी मोबाइल नम्बरों पर भी कॉल किए, मगर किसी के द्वारा फोन रिसीव नहीं करने पर आखिरकार जिला पुलिस अधीक्षक कार्यालय में सूचना दी गई। जिला मुख्यालय से रेलमगरा थाने में सूचना पहुंचने पर शाम करीब साढ़े पांच बजे रेलमगरा थाने से पुलिस जाप्ता मौके पर पहुंचा। स्थिति देखने के पश्चात हिन्दुस्तान जिंक, दरीबा से बचाव दल को बुलाया।
कम वॉल्टेज से नहीं टूटा पानी
शाम पौने छह बजे दरीबा से बचाव दल पहुंचा। दल ने राहत कार्य शुरूकरने पर पाया कि कुएं में 30-40 फीट पानी भरा है। मुण्डेर से ढहा मलबा पानी की तह पर जमा था। श्रमिक के मलबे के नीचे दबे होने की आशंका जताईगई। बचाव दल के कहने पर ग्रामीणों को कुएं का पानी तोडऩे मोटरपंप का इंतजाम कर लिया, लेकिन सांसेरा में कम वॉल्टेज की वजह से मोटरपंप नहीं चला। पुलिस थाना प्रभारी ओमप्रकाश ने विद्युत निगम के अधिकारियों को यह समस्या बताते हुए वॉल्टेज में सुधार का अनुरोध किया। इसके बाद शाम सात बजे तेज बारिश शुरू होने से बचाव प्रभावित हो गया। देर रात तक बचाव कार्य दोबारा शुरू नहीं हो सका।
जांको राखे सांइयां...
हादसे के वक्त पाखण्ड निवासी चतुर्भज कुएं के भीतर चिनाई कार्य कर रहा था। कारीगर को मसाला उपलब्ध कराने भीतर ही उसका भतीजा थामला निवासी माधवलाल भील भी साथ था। अन्य श्रमिक सांसेरा निवासी रोशनलाल भील बाहर कार्य कर रहा था। घटना से कुछ समय पूर्व ही मुण्डेर से कुछ मिट्टी ढहने पर माधवलाल बाहर निकल गाया। उसने देखा वहां गाय विचर रही थी। वह गाय को दूर तक भगाने चला गया। रोशनलाल उस जगह को साफकरने फावड़ा लेने चला गया, जहां से मिट्टी ढही थी। इस बीच मलबा ढहकर कुएं में गिर गया। दोनों श्रमिक बच गए, लेकिन चतुर्भुज अन्दर दब गया।
Published on:
19 Jul 2018 08:10 pm
