
wildlife census : प्रदेश के इस जिले में कितने वन्यजीव बढ़े या घटे 4 को करेंगे गिनती
राजसमंद. वन विभाग की ओर से प्रतिवर्ष की जाने वाली वन्यजीव गणना अब 4 जून को प्रस्तावित है। वन विभाग इसके लिए तैयारियों में जुटा है। वन्यजीव गणना (wildlife census) 2020 के बाद से लगातार विभिन्न कारणों के चलते प्रभावित हो रही है।
वन विभाग की ओर से प्रतिवर्ष वैशाख मास में पूर्णिमा को वन्यजीव गणना की जाती है। इसके चलते यह इस बार 4 मई को प्रस्तावित थी, लेकिन पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के कारण आंधी और बारिश के चलते इसे टाल दिया गया था। इसके चलते अब 4 जून को प्रस्तावित की गई है। वन विभाग की ओर से कुंभलगढ़ रेंज और टॉडगढ़ में बने विभिन्न प्राकृतिक और कृत्रिम वाटर तैयार पर वन्यजीव गणना (wildlife census) की जाती है। वन विभाग के कर्मचारी इनमें पानी भरने का काम भी करते है। वहीं इनके आस.पास ही मचान भी बनाई जाती है। जहां वन विभाग के कर्मचारी 24 घंटे तैनात रहते है। 24 घंटे में एक बार इन वाटर हॉल पर वन्यजीव पानी पीने के लिए अवश्य आते है। जिनकी गणना की जाती है। इसके साथ ही वन विभाग की ओर से ट्रेप कैमरों के माध्यम से गणना की जाती है। वन विभाग इसकी तैयारियों में जुटा है। उल्लेखनीय है कि पिछले साल जिले के टॉटगढ़ और कुंभलगढ़ अभ्यारणय में वन्यजीव गणना की गई थी। इसमें 300 कर्मचारी, वॉलिटिंयर और प्राइवेट पर्सन लगाए गए थे और 212 वाटर हॉल पर गणना की गई थी।
इसलिए प्रभावित हो रही गणना
वन विभाग के जानकारों के अनुसार 2020 के बाद वन्यजीव गणना (wildlife census) प्रभावित हो रही है। वर्ष 2021 में कोरोना के कारण वन्यजीव गणना नहीं हुई थी। इसके बाद 2022 में भी ताउते तूफ ान से भी वन्यजीव गणना प्रभावित हुई थी। जो एक महीने बाद वन्यजीव गणना की गई। इस बार भी पश्चिमी विक्षोभ के कारण वन्यजीव जीव गणना एक महीना देरी से होगी।
Published on:
27 May 2023 11:54 am
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