
राजसमंद. मावठ की बूंदें फसलों के लिए सोना बनकर बरस रही हैं। गेहूं, सरसों, चना की फसल को काफी फायदा होगा वहीं जो खेत अभी बुवाई के लिए रह गए हैं उनकी बुवाई कुछ लेट हो जाएगी। हालांकि जिले में अबतक ७० फीसदी से अधिक खेतों में बुवाई हो चुकी है। जिसमें सरसों व चना की सतप्रतिशत तथा गेहूं व जौ की ५० फीसदी बुवाई हो चुकी है।
इन फसलों को ज्यादा लाभ
यों तो यह बारिश सभी फसलों के लिए अच्छी है लेकिन गेहूं व जौ के उन पौधों के लिए यह विशेष वरदान होगी। जिनके बीच अंकुरित होकर मिट्टी से एक-एक इंच से ज्यादा बाहर आ चुके हैं। विशेषज्ञ बताते हैं कि इन पौधों की ग्रोथ अन्य के मुकाबले १० फीसदी अधिक होगी। वहीं सरसों और चने के बड़े पौधों को भी यह बारिश लाभकारी है। अगर बारिश थोड़ी और होती है तो किसानों को एक पानी भी नहीं देना पड़ेगा।
10 से 15 दिन रुकेगी नमी
विशेषज्ञ बताते हैं कि मावठ अगर थोड़ी और होती है तो खेतों में इसकी नमी १० से १५ दिन तक रुकेगी। जिससे फसलों को ग्रोथ करने का पूरा मौका मिल जाएगा।
70 फीसदी बुवाई पूरी
रबी की मुख्य फसलों की बुवाई लगभग ७० फीसदी हो चुकी है। इसमें चना और सरसों की बुवाई करीब ४ हजार हेक्टयर में हो चुकी है। वहीं जौ और गेहूं की बुवाई करीब २५ हजार हेक्टयर में हो चुकी है तथा २० हजार हेक्टयर से ज्यादा होनी शेष है।
फसलों की ग्रोथ होगी...
जिले में करीब ७० फीसदी फसलों की बुवाई हो चुकी है। जिसमें चना और सरसों की बुवाई लगभग पूरी हो गई है, जौ और गेहूं की आधी बुवाई अभी बाकी है। जिन किसानों की फसलें उग आई हैं, उन्हें तो इस बारिश से काफी फायदा होगा। जिनकी बुवाई बाकी है और उन्होंने खेतों में रेलणी कर रखी है, उनकी बुवाई दो-चार दिन लेट हो सकती है, क्योंकि खेतों में ज्यादा नमी रहेगी।
डॉ. रविंद्र कुमार वर्मा, उपनिदेशक कृषि विभाग, राजसमंद
Published on:
06 Dec 2017 10:40 am
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