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VIDEO: जौहर यूनिवर्सिटी के बाद अब Azam Khan के इस ड्रीम प्रोजेक्ट को ध्वस्त करने का नोटिस

Samajwadi Party MP आजम खान की नहीं कम हो रही मुसीबत Azam Khan के जौहर यूनिवर्सिटी के बाद अब आरपीएस स्कूल को तोड़ने का नोटिस Rampur प्राधिकरण ने स्कूल को ध्वस्त करने का भेजा नोटिस

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जौहर यूनिवर्सिटी के बाद अब आजम खान के इस ड्रीम प्रोजेक्ट को ध्वस्त करने का नोटिस

रामपुर। जौहर यूनिवर्सिटी ( johar university ) को लेकर विवाद अभी थमा भी नहीं था कि रामपुर में ही आजम खान के एक और ड्रीम प्रोजेक्ट मिनी शिक्षण संस्थान आरपीएस पब्लिक स्कूल को भी धवस्त करने का नोटिस जारी कर दिया गया। जिसमें चेतावनी दी गई है कि खुद अवैध निर्माण को तोड़ लें, वरना प्राधिकरण ध्वस्तीकरण की कार्रवाई करेगा। वहीं इस नोटिस की जानकारी समाजवादी पार्टी के नेता और रामपुर ( rampur ) से सांसद आजम खान ( azam khan ) को दी है। अब देखना होगा कि अब आजम इस मामले पर क्या बयान देते हैं।

दरअसल 3 वर्षों से रामपुर प्राधिकरण ऑफिस से 3 किलोमीटर की दूरी पर तीन मंजिला इमारत बन रही है। जिसे लेकर कुछ दिन पहले ही कांग्रेस नेता फैसल लाला के साथ शहजादी बेगम नामक महिला ने जिलाधिकारी से शिकायत दर्ज कराई थी कि जिसमें कहा था कि पहले यहां उनका घर था, लेकिन सपा शासन काल में लोगों को जबरन घरों से निकालकर कब्जा कर लिया गया। उन्होंने दोबारा अपनी जमीन पर कब्जा दिलाने की मांग की थी।

जानकारी के मुताबिक रामपुर में जौहर यूनिवर्सिटी रोड के पास ही रामपुर पब्लिक स्कूल का निर्माण कार्य चल रहा था जो कि आजम खान के ट्रस्ट की ओर से कराया जा रहा है। इसी ट्रस्ट से मुहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी और शहर में चार रामपुर पब्लिक स्कूल संचालित हो रहे हैं। वहीं अब रामपुर पब्लिक स्कूल है को लेकर प्राधिकरण सचिव बैजनाथ की ओर से स्कूल प्रबंधक को नोटिस जारी किया गया। जिसमें कहा गया है कि आरडीए से इस इमारत को बनाने की अनुमति नहीं ली गई। इस वजह से बिना अनुमति के अनाधिकृत निर्माण किया गया है।

हालाकि सिर्फ बीजेपी सरकार में ही नहीं बल्कि सपा सरकार में भी रामपुर पब्लिक स्कूल को ध्वस्त करने के आदेश दिए जा चुके हैं। प्राधिकरण सचिव बैजनाथ ने बताया कि प्राधिकरण की ओर से 14 सितंबर 2016 को नोटिस जारी किया गया था। तब उन्होंने मौके पर नोटिस लेने से मना कर दिया गया। जिसके बाद उसे वहीं दीवार चस्पा कर दी गई। इसके बाद भी जब कोई जवाब नहीं आया तो नोटिस जारी कर दिसंबर 2016 को ध्वस्तीकरण का आदेश दे दिया गया। जिसमें 15 दिन के अंदर निर्माण को स्वयं हटाकर प्राधिकरण को सूचित करने के निर्देश दिए गए, लेकिन अनाधिकृत निर्माण जस का तस है।

वहीं अब नोटिस में कहा है कि अंतिम रूप से सूचित किया जाता है कि मौके पर किए जा रहे कार्य को तत्काल बंद कराकर ध्वस्तीकरण आदेश का क्रियान्वयन कराकर प्राधिकरण को सूचित करें। अन्यथा प्राधिकरण द्वारा ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी।

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